बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मौजूद है जहां उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने टीएमसी पर लगातार हमला बोला। उन्होंने कहा कि बंगाल में लगातार तुष्टिकरण की राजनीति टीएमसी की तरफ से की जा रही है, पुलिस भी यहां पर राजनेताओं की तरह काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि बंगाल में लोकतंत्र को जिंदा रखने के लिए ये चुनाव बेहद जरूरी है, देश के लिए भी ये चुनाव काफी अहम है। बंगाल में दो चरण के चुनाव के बाद ममता बनर्जी की बौखलाहट स्पष्ट दिख रही है। उन्हें अपनी हार दिख रही है और उसी हताशा से वो अब विपक्ष और चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही हैं। सभी लोकतांत्रिक हितों को बंगाल में दफन करने वाली ममता दीदी आज लोकतंत्र की बात कर रही है।
अमित शाह कहा की बंगाल में वोटबैंक की तुष्टिकरण की राजनीति ने यहां की संस्कृति को नष्ट करने का काम किया है। पुलिस और ब्यूरोक्रेसी ने अपना रोल छोड़कर राजनेताओं का रोल ले लिया है। राजनेता मौन है, बाबू शाही बंगाल के लोकतंत्र को हड़प कर गई। नागरिकता संशोधन बिल को लेकर शाह ने कहा, नागरिकता संशोधन विधेयक पहले आएगा, सभी शरणार्थियों को नागरिकता दी जाएगी, उसके बाद एनआरसी बनाया जाएगा। शरणार्थियों को चिंता नहीं करनी चाहिए, केवल घुसपैठियों चिंता करनी की जरुरत है। पहले CAB आएगा फिर NRC, NRC सिर्फ बंगाल के लिए नहीं बल्कि पूरे देश के लिए होगा।
श्रीलंका में सिलसिलेवार धमाकों में मरने वालों की संख्या 290 हुई, कोलंबो एयरपोर्ट के पास बम को किया गया निष्क्रिय
अगर कोई सम्मान के साथ सरस्वती पूजा और दुर्गा पूजा को फिर से बहाल कर सकता है, तो यह केवल बीजेपी है। अमित शाह ने साध्वी प्रज्ञा को झूठे केस में फसाने का आरोप लगता हुए कहा, जहां तक साध्वी प्रज्ञा का सवाल है तो कहना चाहूंगा कि हिंदू टेरर के नाम से एक फर्जी केस बनाना गया था, दुनिया में देश की संस्कृति को बदनाम किया गया, कोर्ट में केस चला तो इसे फर्जी पाया गया।
साध्वी प्रज्ञा को क्लीन चिट इसलिए मिली क्योंकि उनके खिलाफ दर्ज मामला झूठा था। आगे उन्होंने कहा की हिंसा की एक सीमा होती है, लेकिन जब जनता तय करती है परिवर्तन करना है तो इसे कोई बदल नहीं सकता। इस बार जनता ने तय किया है कि टीएमसी को हटाना है और बीजेपी को लाना है।
बाटला हाउस एनकाउंटर को लेकर शाह ने सोनिया गांधी पर निशाना साधा और कहा बाटला हाउस का जब एनकाउंटर हुआ, सोनिया जी को रोना आ गया बाटला हाउस के आतंकवादियों के मरने पर, जबकि अपना एक बहादुर पुलिस इंस्पेक्टर वह शहीद हो गया, उसके मृत्यु पर रोना नहीं आया, इस पर कांग्रेस को जवाब देना चाहिए


Download Android App
Download iOS App





