मराठी भाषा विवाद से गरमाई महाराष्ट्र की सियासत, इस मंत्री ने सरकार के खिलाफ ही खोल दिया मोर्चा

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महाराष्ट्र में इन दिनों मराठी भाषा को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. मराठी भाषा को अनिवार्य करने का जो फैसला पहले लिया गया था, उसे अब सरकार ने वापस ले लिया है. इसी के विरोध में शिवसेना (ठाकरे गुट) ने मुंबई के वर्ली डोम में एक बड़ी रैली की थी. इस रैली को जनता से अच्छा समर्थन मिला. इसके बाद अब सरकार में शामिल शिवसेना (शिंदे गुट) ने भी इस मुद्दे को लेकर मोर्चा खोल दिया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शिवसेना नेता और राज्य सरकार में मंत्री प्रताप सरनाईक ने इस मुद्दे पर नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा…

महाराष्ट्र में इन दिनों मराठी भाषा को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. मराठी भाषा को अनिवार्य करने का जो फैसला पहले लिया गया था, उसे अब सरकार ने वापस ले लिया है. इसी के विरोध में शिवसेना (ठाकरे गुट) ने मुंबई के वर्ली डोम में एक बड़ी रैली की थी. इस रैली को जनता से अच्छा समर्थन मिला. इसके बाद अब सरकार में शामिल शिवसेना (शिंदे गुट) ने भी इस मुद्दे को लेकर मोर्चा खोल दिया है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शिवसेना नेता और राज्य सरकार में मंत्री प्रताप सरनाईक ने इस मुद्दे पर नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि पुलिस को किसी एक पार्टी के जैसा काम नहीं करना चाहिए. उनका इशारा सीधे तौर पर बीजेपी की ओर था. सरनाईक ने यह भी कहा कि मीरा रोड में मराठी स्वाभिमान मोर्चा की रैली को पुलिस ने इजाजत नहीं दी, जबकि व्यापारियों को पहले रैली करने की मंजूरी मिल चुकी है.

प्रताप सरनाईक ने उठाए ये सवाल

उन्होंने सवाल उठाया कि जब व्यापारियों को रैली की अनुमति मिल सकती है, तो मराठी लोगों को क्यों नहीं? उन्होंने कहा, “मैं पहले मराठी हूं, बाद में मंत्री.” उन्होंने पुलिस कमिश्नर से बात करके नाराजगी भी जताई और बताया कि वे इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से भी बात करेंगे.

मनसे नेताओं की हिरासत

इस विवाद के बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया. मनसे के ठाणे-पालघर जिलाध्यक्ष अविनाश जाधव सहित कई कार्यकर्ता आज रैली निकालने वाले थे, लेकिन पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी थी. इसलिए उन्हें हिरासत में लिया गया.मनसे यह रैली व्यापारियों द्वारा किए गए विरोध के जवाब में निकालने जा रही थी. दरअसल, भायंदर इलाके में 1 जुलाई को एक प्रवासी दुकानदार से मराठी में बात न करने को लेकर झगड़ा हुआ था, जिससे यह मामला और ज्यादा गरमा गया.

बीजेपी सांसद का तीखा बयान

अब इस विवाद में बीजेपी भी खुलकर सामने आ गई है. बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने मराठी भाषियों पर सीधा हमला बोलते हुए कहा, “अगर आप अपने घर में खुद को बॉस समझते हो तो बिहार और यूपी आकर दिखाओ. वहां हम तुम्हें पटक-पटक कर मारेंगे.”उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी में दम है, तो जैसे हिंदीभाषियों पर हमला करते हो, वैसे ही तमिल, तेलुगु या उर्दू बोलने वालों पर भी कर के दिखाओ. उन्होंने मराठी कार्यकर्ताओं की हरकतों को “घटिया” बताया.

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।