मध्य प्रदेश में परिवहन माफिया बढ़ता जा रहा है। लोग कम क्षमता वाली गाड़ियों में ज्यादा से ज्यादा लोगों को ठूंस रहे है। जिसकी वजह से गाड़ी अपना नियंत्रण खो रही है और सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। मंगलवार को सीधी में हुई सड़क दुर्घटना में यात्रियों से भरी बस अनियंत्रित होकर बाड़सागर में जा गिरी जिसमें अब तक 51 लोगों की मौत हो गई। इसमें 7 लोगों को बचाया जा चुका है।
परिवहन माफिया के सक्रिय होने का आरोप लगाते हुए मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ आज कहा कि इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। कमलनाथ ने ट्वीट के जरिए कहा कि मध्यप्रदेश में परिवहन माफिया सक्रिय है। राजमार्गों पर, सड़कों पर, अनफिट, बगैर फिटनेस, बगैर परमिट, बगैर बीमे के क्षमता से अधिक यात्रियों को पशुओं की भांति ठूंस ठूंस कर वाहनों को दौड़ाया जा रहा है। इनमें स्पीड गवर्नर भी नहीं है। ये सब कार्य दुर्घटनाओं को खुला न्यौता है।
उन्होंने कहा कि इन बसों में यात्रियों के सुरक्षा के साधन नहीं है। ना ये सभी निर्धारित नियमों का पालन कर रही हैं। ना ही इनकी चैकिंग होती है और ना ही नियमों का पालन करवाया जाता है। एक हादसे के बाद हम जागते हैं और फिर वही हाल। इसी कारण सीधी जैसे हादसे सामने आते है।

वहीं राज्य के परिवहन मंत्री गोविंद राजपूत सीधी हादसे के बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के निशाने पर आ गए है। प्रदेश कांग्रेस के अनेक नेताओं ने राजपूत से त्यागपत्र की मांग करते हुए कहा कि इतने बड़े हादसे के बावजूद वे कल भोपाल में एक कार्यक्रम में सार्वजनिक तौर पर हंसी ठहाकों के साथ भोजन करते हुए दिखे।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता के के मिश्रा और अन्य नेताओं ने राजपूत के इस तरह के फोटो सोशल मीडिया पर वायरल करते हुए कहा कि ये संवेदनहीनता का नमूना है। प्रदेश में जब इतना बड़ा हादसा हुआ, परिवहन मंत्री घटनास्थल पर पहुंचने की बजाए भोपाल में सार्वजनिक तौर पर दोपहर भोज का आनंद ले रहे थे। कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि यदि राजपूत त्यागपत्र नहीं देते हैं, तो उन्हें पद से हटाया जाए।


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