प्रतिबंधित संगठन के चार सदस्यों और उसके दो सहयोगियों ने शुक्रवार को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उग्रवादियों ने एक एके-47 राइफल, दो मैगजीन, दो पिस्तौल और उगाही की जानकारियों वाली एक डायरी के साथ आत्मसर्मपण किया।पिछले एक साल में यह उग्रवादियों के आत्मसमर्पण की सबसे बड़ी संख्या है।
बांग्लादेश से त्रिपुरा में दाखिल हुए
अधिकारी ने बताया कि उमेश कोलोई (42) के नेतृत्व में उग्रवादी 21 जुलाई को बांग्लादेश से धलाई जिले के गंगानगर होते हुए त्रिपुरा में दाखिल हुए थे।उन्होंने कहा, ‘‘इन उग्रवादियों का इरादा ग्रामीणों का अपहरण करना था और उन्होंने उन्हें जबरन वसूली के नोटिस भेजे थे। वे धलाई जिले के गंगानगर, खोवाई जिले के मुंगियाकामी और गोमती जिले के ओमपी के जंगल क्षेत्रों में चले गए थे।’’

उग्रवादियों का सरेंडर
अधिकारी ने बताया की खुफिया विभाग को राज्य में उग्रवादियों के आने की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस और त्रिपुरा स्टेट राइफल ने विशेष अभियान चलाये।
उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों के दबाव के चलते उग्रवादियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।


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