उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पूर्व सीएम हरीश रावत हार गए हैं। हालांकि रुझानों में बीजेपी ने बहुमत हासिल कर लिया है। वहीं बीजेपी 44 सीटों और कांग्रेस 15 सीटों पर आगे चल रही है। धामी की हार के बाद पार्टी को एक बार फिर देवभूमि में मुख्यमंत्री बदलना पड़ेगा।
उत्तराखंड के पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत लालकुआं से चुनाव हार गए हैं। उत्तराखंड में कांग्रेस ने रावत के चेहरे पर ही चुनाव लड़ा था। वहीं भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर राज्य की सत्ता में वापसी कर रही है, लेकिन मुख्यमंत्री धामी को कांग्रेस प्रत्याशी भुवन कापड़ी ने मात दी है।
उत्तराखंड विधानसभा का चुनाव लड़ रहे कांग्रेस के बड़े हरीश रावत नेता कुमाऊं की लालकुआं सीट से चुनाव हार गए हैं। यहां से बीजेपी के मोहन सिंह बिष्ट ने जीत दर्ज की है। यहां हुए मुकाबले में हरीश रावत करीब 14 हजार वोटों से हार गए हैं।
कौन हैं धामी को हार का चेहरा दिखाने वाले कांग्रेस प्रत्याशी
सीएम धामी को कांग्रेस के भुवन कापड़ी ने छह हजार से ज्यादा वोटों से हराया है। भुवन चंद कापड़ी युवा नेता हैं और उत्तराखंड के कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हैं। युवाओं के बीच लोकप्रिय भुवन चंद कापड़ी उत्तराखंड यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वह उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस में जनरल सेक्रेटरी के पद पर भी रह चुके हैं।
उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनाव में पुष्कर सिंह धामी को कड़ी टक्कर दी थी लेकिन महज 2709 वोट से हारे गए थे। भुवन कापड़ी को 26,830 वोट मिले थे, जबकि पुष्कर सिंह धामी को 29,539 वोट हासिल हुए थे।
हरीश रावत ने स्वीकार की हार
हरीश रावत ने हार स्वीकृति करते हुए ट्वीट किया, लालकुआं विधानसभा क्षेत्र से मेरी चुनावी पराजय की औपचारिक घोषणा ही बाकी है। मैं लालकुआं क्षेत्र के लोगों से क्षमा चाहता हूं कि मैं उनका विश्वास अर्जित नहीं कर पाया और जो चुनावी वादे उनसे मैंने किए। उनको पूरा करने का मैंने अवसर गवा दिया है।
उनको पूरा करने का मैंने अवसर गवा दिया है..https://t.co/EJqJszh5J2.. उन्होंने मुझसे श्रेष्ठ उम्मीदवार को अपना प्रतिनिधि चुना है उनको और उनके द्वारा चयनित उम्मीदवार को मेरी ओर से बहुत-बहुत बधाई और आगे के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं।#uttarakhand #Congress
— Harish Rawat (@harishrawatcmuk) March 10, 2022


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