उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश में भेडो़ं की नस्ल में सुधार कर ऊन गुणवत्ता और ऊन उत्पादन में वृद्धि करने के लिए राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना के तहत आस्ट्रेलिया से 240 मैरिनो भेड़ें आयात की हैं। यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गुरूवार को बताया कि यह एक क्रांतिकारी और प्रगतिशील कदम है जो राज्य के किसानों के लिए वरदान साबित होगा।
रावत ने बताया कि उच्च गुणवत्ता वाली, आस्ट्रेलियाई नस्ल की मैरिनो भेड़ों को आगामी पांच वर्षों तक एक निर्धारित ब्रीडिंग प्लान के तहत ‘प्योर लाइन’ एवं ‘क्रॉस ब्रीड’ कार्यक्रमों में उपयोग में लाया जायेगा जिससे राज्य की भेडों में व्याप्त अन्त: प्रजनन की समस्या से निजात पायी जा सके।
उन्होंने बताया कि आधुनिक कृत्रिम प्रजनन तकनीक और एम्ब्रियो ट्रांसफर तकनीक से उच्च कोटि के जर्मप्लाज्म को उत्तराखंड के भेड़ पालकों को उपलब्ध कराया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य तकनीक का प्रयोग कर उच्च गुणवत्ता के ऊन उत्पादन को वर्तमान 558 मीट्रिक टन से बढ़ाकर 1000 मीट्रिक टन तक करना है। इससे प्रदेश के पहाडी़ इलाकों में रहने वाले लोगों को भी गांवों में बसाये रखने तथा सतत आर्थिक गतिविधि के रूप में भेड़ पालन को अपनाने में भी मदद मिलेगी।
पशुपालन सचिव मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि साढे़ आठ करोड रुपये की लागत से आयात की गयीं कुल 240 मैरिनो भेड़ों में से 40 नर और 200 मादाएं हैं। अधिकारी ने बताया कि इन भेड़ों को फिलहाल टिहरी जिले के घनसाली क्षेत्र में रखा गया है।


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