नशा एक मीठा जहर है जो समाज के कुछ लोगो को दिन – प्रतिदिन अपना शिकार बनाता जा रहा है।हालंकि नशीले पदार्थ के पैकेट पर भी लिखा होता है नशा स्वास्थ के लिए हानिकर है फिर भी नशीले पदार्थ का सेवन करने से लोग पीछे नहीं हटते। मान्यता प्राप्त नशे तक तो फिर भी सही है उसके कुछ मानक तय होते है। लेकिन अवैध नशीले पदार्थ के सेवन से जान को भी खतरा रहता है इन अवैध नशे को समाज में परोसने वालो के खिलाफ सरकार का हमेशा सख्त रवैया रहा है।
नशीली दवाओं के व्यापर के विरोध में जो भी कड़ी करवाई
उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो राज्य से ड्रग माफियाओं को जड़ से ख़त्म करने के लिए कड़ा क़ानून लाया जाएगा। मुख्यमंत्री धामी ने एनसीओआरडी (नार्को कोऑर्डिनेशन सेंटर ) की बैठक के विषय में बात की और बताया राज्य सरकार नशीली दवाओं के व्यापर के विरोध में जो भी कड़ी करवाई की जरुरत होगी उसे करने केलिए तैयार है और 2025 तक राज्य को नशा मुक्त बना देंगे।
भारत नशा मुक्त राष्ट्र बने
सीएम ने कहा भारत एक नशा मुक्त राष्ट्र बने, बच्चो को जागरूक कर नशे की आदत को त्यागे और जिन लोगो को नशे की लत हो गई उन्हें बचाया जाए। इस मामले को लेकर आज हमारी एनसीओआरडी बैठक हुई। और हम 2025 से पहले नशा मुक्त उत्तराखंड बनाने पर सहमत हुए हैं।उत्तराखंड सरकार दवाओं के व्यापार में “ड्रग माफिया” से निपटने के लिए हर आवश्यक उपाय करेगी और कड़े कानून लाएगी।अगर राज्य में ड्रग माफिया को जड़ से खत्म करने के लिए जालसाजी विरोधी कानून जैसा कोई सख्त कानून लाने की जरूरत है, तो ऐसा किया जा सकता है। जैसे भी संभव होगा, हम अपने लोगों और अपने बच्चों को नशीली दवाओं के सेवन की इस आदत से बाहर निकालेंगे।
108.5 एकड़ भांग की फसल नष्ट
एनसीओआरडी की बैठक में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के उपमहानिदेशक एमजीज्ञानेश्वर सिंह ने बताया कि 238 किलो चरस, 30 किलो डोडा, 12 किलो अफीम, 19.11 किलो स्मैक, 1.57 किलो हेरोइन, 1232.55 किलो गांजा, 105390 कैप्सूल, 17506 इंजेक्शन और 32110 गोलियां बरामद की गईं. वर्ष 2022 में उत्तराखंड में ज़ब्त की गई। इसके अतिरिक्त, 141.5 एकड़ भांग और 108.5 एकड़ भांग की फसल को नष्ट कर दिया गया।
पुलिस विभाग को ड्रग माफियाओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश
इस साल मई 2023 तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 586 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 742 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।उत्तराखंड में नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को नशे के कारोबार में लिप्त अपराधियों और ड्रग माफियाओं के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिये हैं। मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड पुलिस विभाग के अधिकारियों और जवानों को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो में प्रतिनियुक्ति और प्रशिक्षण के लिए भेजने की कार्ययोजना पर गंभीरता से काम करने के भी निर्देश दिए हैं।वर्तमान में प्रदेश में निजी प्रयासों से 43 निजी नशा मुक्ति केन्द्र संचालित हैं।


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