शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने नागपुर हिंसा को लेकर भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि नागपुर में जो भी हिंसा हुई है, वह भाजपा की पुरानी रणनीति का हिस्सा है, जो मणिपुर में भी लागू की गई थी। आदित्य ठाकरे ने आरोप लगाया कि भाजपा ने मणिपुर में भी हिंसा फैलाकर माहौल खराब किया था और आज उस राज्य में निवेश नहीं आ रहा है। अगर मैं आज की बात करूं तो मणिपुर में कोई भी निवेश करने नहीं जाना चाहता। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा बेशर्म हो चुकी है। यह घटना मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृहनगर में हुई है। दुख की बात है कि जब भाजपा शासन नहीं कर पाती है, तो वह हिंसा, दंगे करवाती है, यही उनका हर राज्य में तय फार्मूला है। अगर आप मणिपुर को देखें, तो वे महाराष्ट्र को भी यही बनाना चाहते हैं। आज कोई निवेश नहीं होता, पर्यटक मणिपुर नहीं जाते, यही वे महाराष्ट्र के लिए चाहते हैं।
नागपुर हिंसा को लेकर राज्य सरकार पर हमला
आदित्य ठाकरे ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र के मंत्री आजकल 300 साल पुरानी घटनाओं को उखाड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि उन्हें भविष्य के बारे में सोचना चाहिए। उन्होंने केंद्र और राज्य दोनों जगह भाजपा की सरकार होने का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि वे औरंगजेब की कब्र हटाना चाहते हैं तो उन्हें यह कदम उठाना चाहिए। आदित्य ठाकरे ने सलाह दी कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संपर्क करके इस मसले को हल करने के लिए कहना चाहिए।
औरंगजेब की कब्र पर सियासत जारी
देवेंद्र फडणवीस को नरेंद्र मोदी को फोन करके इस कब्र को हटाने के लिए कहना चाहिए क्योंकि यह केंद्र सरकार के अधीन आता है। वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर हिंसा पर मंगलवार को विधानसभा में बयान दिया। उन्होंने बताया कि यह हिंसा एक अफवाह से शुरू हुई, जिसमें कहा गया था कि एक प्रतीकात्मक कब्र पर रखी चादर पर धार्मिक चिह्न था, जिसे जलाया गया। शाम को यह अफवाह फैली और देखते ही देखते हालात बिगड़ गए, जिसके बाद हिंसा भड़क उठी।


Download Android App
Download iOS App



