महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने बुधवार को कहा कि 2020 में आफताब पूनावाला के खिलाफ श्रद्धा वालकर की शिकायत पर पुलिस की कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इसकी जांच की जाएगी।
भाजपा नेता ने यह भी कहा कि उस वक्त अगर कार्रवाई हुई होती तो संभवत: उसे बचाया जा सकता था।
गौरतलब है कि पूनावाला और श्रद्धा की मुलाकात एक डेटिंग एप के जरिए हुई थी। इसके बाद उन्होंने मुंबई में एक कॉल सेंटर में साथ काम करना शुरू किया और दोनों के बीच वहीं से प्रेम संबंध शुरू हुए। बाद में वे दिल्ली आ गए थे।
दोनों के बीच कथित तौर पर 18 मई को शादी को लेकर बहस हुई, जिसके बढ़ने पर पूनावाला ने श्रद्धा की हत्या कर दी और उसके शव के 35 टुकड़े कर दिए। पूनावाला ने दक्षिणी दिल्ली के महरौली में अपने घर पर करीब तीन सप्ताह तक इन टुकड़ों को 300 लीटर के फ्रिज में रखा। वह कई दिन तक आधी रात को उन्हें शहर के विभिन्न इलाकों में फेंकने के लिए जाता रहा।
एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि वालकर ने 23 नवंबर 2020 को पालघर जिले के तुलिंज थाने में तहरीर दी थी कि उसके लिव-इन-पार्टनर पूनावाला ने उसे मारने की कोशिश की और उसे डर है कि वह उसके टुकड़े-टुकड़े कर फेंक देगा।
वालकर ने पुलिस से कहा था, ‘‘उसके (पूनावाला के) माता-पिता को पता है कि वह मेरे साथ मारपीट करता है और उसने मुझे जान से मारने की कोशिश भी की।’’
नागपुर में एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में गृह मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे फडणवीस ने कहा कि उन्होंने वालकर की तहरीर पढ़ी है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उसे पढ़ा है। पत्र बहुत गंभीर है। हमें जांच करनी होगी कि उसकी शिकायत पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं किसी के खिलाफ आरोप नहीं लगाना चाहता, लेकिन ऐसी घटनाएं तभी होती हैं जब शिकायतें मिलने पर कार्रवाई नहीं होती है। इसकी पक्का जांच की जाएगी।’’


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