हिमाचल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष हर्ष महाजन ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) ज्वाइन कर ली है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और बीजेपी राष्ट्रीय महामंत्री तावड़े विनोद की मौजूदगी में महाजन ने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की। बीजेपी ज्वाइन करते ही वह कांग्रेस के खिलाफ बोलने लगे।
दिशाहीन हो गई कांग्रेस
बीजेपी में शामिल होते ही हर्ष महाजन ने कांग्रेस को दिशाहीन करार दिया। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस दिशाहीन हो गई है, नेतृत्व विहीन हो गई है। ना विजन है, न नेता है, न जमीनी स्तर पर काम करने के लिए कार्यकर्ता हैं। हर्ष महाजन का ये कदम आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि वह हिमाचल में कांग्रेस का एक बड़ा चेहरा और वीरभद्र सिंह के बेहद करीबी थे।
इस मौके पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि शी की बात है कि हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ नेता जिन्होंने 45 साल तक प्रदेश की जनता की अलग-अलग पदों पर रहकर सेवा की, वर्तमान में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष हर्ष महाजन ने आज निर्णय लिया कि वे बीजेपी के साथ जुड़ना चाहते हैं।
कुछ ऐसा था कांग्रेस में महाजन का सफर
हर्ष महाजन 2003-2008 तक वीरभद्र सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे थे। वह 1993 से 2007 तक तीन बार चंबा विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रहे। 1993 में पहली बार विधायक बने महाजन तत्कालीन सरकार में मुख्य संसदीय सचिव रहे। 1998 में प्रदेश कांग्रेस का चीफ व्हीप चुना गया। 2003 में महाजन कैबिनेट मंत्री बने थे।
वर्ष 1986 से 1996 तक महाजन प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। 2012 में राज्य सहकारी बैंक का चेयरमैन नियुक्त किया गया। उन्होंने 15 साल पहले चंबा विधानसभा क्षेत्र से आखिरी बार चुनाव लड़ा था। पारिवारिक कारणों के चलते वह चंबा छोड़कर शिमला चले गए थे। इस दौरान उन्होंने कोई चुनाव नहीं लड़ा था। चंबा से चले जाने के बावजूद उनका दबदबा था। हर्ष महाजन के पिता जी देशराज महाजन भी हिमाचल सरकार के मंत्री रहे थे।


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