पश्चिम बंगाल में यास तूफान प्रभावित इलाकों के 76 हजार से अधिक लोगों ने राज्य सरकार के घर तक राहत योजना के तहत सहायता प्राप्त करने के लिये आवेदन दिये हैं। अधिकारी ने बताया कि चक्रवात ‘यास’ की चपेट में आए सात जिलों में रविवार तक कम से कम 322 शिविर या संपर्क कार्यक्रम आयोजित किए गए, ताकि पात्र नागरिक प्रदेश सरकार के विभिन्न कल्याण कार्यक्रमों के तहत मुआवजा पाने के लिए सादे कागज पर लिखकर आवेदन दे सकें।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के दक्षिण 24 परगना जिले में सबसे अधिक 36,952 आवेदन प्राप्त हुये हैं और छह जून तक 174 शिविर आयोजित किये गये हैं। उन्होंने बताया कि पूरबा मिदनापुर जिले में 12,765 आवेदन, उत्तर 24 परगना जिले में 10,267 आवेदन, और पश्चिमी मेदिनीपुर जिले में 8,039 आवेदन प्राप्त हुये हैं ।
अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा 7,561 हावड़ा से, 294 हूगली से, और 247 बीरभूम जिले से आवेदन देकर मुआवजा मांगा है। उन्होंने बताया, ”सभी आवेदनों की जांच की जायेगी। हमें उम्मीद है कि शिविरों में और लोगों के आने की संभावना है।” राज्य सरकार ने प्रदेश के चक्रवात प्रभावित जिलों के लोगों को मुआवजा एवं राहत देने के लिये योजना की घोषणा की है।
प्रदेश में तीन जून से प्रभावित लोग आवेदन जमा करा रहे हैं जबकि 18 जून तक लोग इस योजना के तहत आवेदन जमा करा सकेंगे। आवेदन की जांच और मुआवजे के वितरण समेत सभी प्रक्रिया आठ जुलाई तक पूरी कर ली जायेगी।मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया कि करीब 2.21 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि एवं 71,560 हेक्टेयर की बागवानी की फसल यास चक्रवात के कारण नुकसान हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश को इस तूफान के कारण 20,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।


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