आंध्र प्रदेश की सरकार पर प्रदेश के विपक्ष तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) ने गंभीर आरोप लगाए है। ज्ञात हो कि इससे पहले भी टीडीपी ने वाईएसआर कांग्रेस पर कई गंभीर आरोप लगाए है, टीडीपी ने सत्ता में काबिज सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि विशाखापत्तनम क्षेत्र में वन और पर्यावरण कानूनों की घोर अवहेलना कर 15,000 करोड़ रुपये के खनन घोटाले की साजिश रची गई।
पूर्व मंत्री और टीडीपी नेता नक्का आनंद बाबू ने रविवार को कहा कि सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेताओं के एक ‘बेनामी’ ने हाल ही में घोषणा की थी कि विशाखा एजेंसी में सरगुडु पंचायत सीमा में लेटराइट खनन किया जाएगा। माफिया की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए उन्होंने तथ्यों को सामने लाने के लिए सीबीआई जांच की मांग की।
टीडीपी नेता ने मांग की कि लेटराइट खनन घोटाले के साजिशकतार्ओं का तुरंत पदार्फाश किया जाना चाहिए ताकि शोषण को रोका जा सके। उन्होंने कहा, वाईएसआरसीपी खनन माफिया ने मान्य खनन में हजारों करोड़ रुपये लूटने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया था। पहले से ही, इस तरह के अवैध खनन को आदिवासी भूमि और मौजूदा पर्यावरण संरक्षण कानूनों का पालन किए बिना किया गया था।
आनंद बाबू ने यह भी दावा किया कि नरेगा के धन का दुरुपयोग लेटराइट खनन माफिया की मदद के लिए सड़क बनाने के लिए किया जा रहा है। 14 किलोमीटर का राजमार्ग पूर्वी गोदावरी जिले के रौथुलापुडी मंडल के राघवपट्टनम गांव से होते हुए जलादम, सरलंका, सिरीपुरम और सरगुडु क्षेत्र में लेटराइट खदानों तक बिछाया जा रहा था।
इसी के तहत वाईएसआरसीपी के एक प्रमुख नेता की ‘बेनामी’ ने एक आदिवासी नेता को फोन कर इस खनन पर आपत्ति न करने की धमकी दी। टीडीपी नेता ने आरोप लगाया कि लेटराइट के साथ-साथ माफिया बॉक्साइट को अवैध रूप से खनन करने की भी योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनके आसपास कोई खनन किया जाना है तो स्थानीय आदिवासी गांवों में एक ग्राम सभा आयोजित की जानी चाहिए।
सरगुडु क्षेत्र में अब तक ऐसी कोई ग्राम सभा नहीं हुई। यह अनुसूचित क्षेत्र के नियमों का उल्लंघन था। टीडीपी नेता ने एजेंसी क्षेत्र में अवैध खनन करने की सभी योजनाओं को तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनके साथ खड़े होने का संकल्प लिया।


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