Punjab News:-सिख गुरुओं की बेअदबी से जुड़े मामले में एक बड़ा और सनसनीखेज खुलासा सामने आया है। पंजाब पुलिस की फॉरेंसिक जांच में यह साफ हो गया है कि दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने अपने बयान में “गुरु” शब्द का इस्तेमाल किया ही नहीं था। इसके बावजूद उनके नाम से एक एडिटेड और फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर फैलाया गया।
Punjab News:-आम आदमी पार्टी का भाजपा और कांग्रेस पर आरोप
आम आदमी पार्टी ने भाजपा और कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि दोनों दलों ने जानबूझकर सिख गुरुओं का नाम गंदी राजनीति में घसीटा और फर्जी वीडियो बनाकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई। AAP ने इस कृत्य की कड़ी निंदा की है।
सिख समाज से माफी की मांग
आम आदमी पार्टी ने भाजपा और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से सिख समाज और पूरे देश से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि इस फर्जी वीडियो से सिख समाज की आस्था को गहरी चोट पहुंची है, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
फॉरेंसिक जांच में सामने आई सच्चाई
पंजाब पुलिस द्वारा की गई फॉरेंसिक जांच में यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि आतिशी ने विधानसभा में “गुरु” शब्द का उच्चारण नहीं किया। यह दावा जांच रिपोर्ट में प्रमाणित हुआ है, जिससे फर्जी वीडियो बनाने वालों की साजिश उजागर हो गई है।
भाजपा और कांग्रेस नेताओं पर कार्रवाई की मांग
AAP ने मांग की है कि फर्जी वीडियो बनाने और साझा करने वाले भाजपा और कांग्रेस नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। पार्टी का कहना है कि धर्म के नाम पर राजनीति करना बेहद निंदनीय है और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
कपिल मिश्रा पर गंभीर आरोप
आम आदमी पार्टी ने भाजपा मंत्री कपिल मिश्रा पर फर्जी वीडियो प्रसारित करने का आरोप लगाया है। पार्टी ने उनकी विधानसभा सदस्यता तत्काल खत्म करने की मांग की है। साथ ही गुरुओं का अपमान करने वाले भाजपा विधायकों को कम से कम छह महीने के लिए सस्पेंड करने की भी मांग की गई है।
दिल्ली विधानसभा को बाधित करने का आरोप
AAP का कहना है कि भाजपा जानबूझकर दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही नहीं चलने दे रही है। प्रदूषण, कानून-व्यवस्था और गंदे पानी जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा से बचने के लिए भाजपा धर्म की आड़ ले रही है और फर्जी वीडियो के जरिए भ्रम फैला रही है।
जालंधर में FIR दर्ज
पंजाब पुलिस ने कपिल मिश्रा द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो की जांच के बाद जालंधर पुलिस कमिश्नरेट में एफआईआर दर्ज की है। यह एफआईआर इकबाल सिंह की शिकायत पर दर्ज हुई है। जांच में पाया गया कि वीडियो का ऑडियो एडिट किया गया था।
भड़काऊ पोस्ट से फैलाया गया भ्रम
सोशल मीडिया पर कई ऐसे पोस्ट वायरल किए गए, जिनमें भड़काऊ कैप्शन लगाकर आतिशी पर सिख गुरुओं के खिलाफ बयान देने का झूठा आरोप लगाया गया। पुलिस जांच में इन सभी दावों को पूरी तरह गलत पाया गया है।























