सोशल मीडिया पर भले ही भारतीय जनता पार्टी की IT CELL काफी मजबूत हो, जिसके पास पूरी कहानी को प्रभावित करने की क्षमता होती है। लेकिन पंजाब में पार्टी को सोशल मीडिया पर विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इसकी वजह है- कृषि बिल। पूरे जोर के साथ इन बिलों का समर्थन करने के बावजूद अधिकतर कॉमेन्ट्स विरोध में ही हैं।
पंजाब में पहले तो बीजेपी के साथ गठबंधन सहयोगी शिरोमणि अकाली दल (SAD) केंद्र सरकार की अधिकतर फैसलों की ‘मार्केटिंग’ करती थी। लेकिन कृषि बिल की खिलाफत करते हुए अकाली दल ने भी नाता तोड़ लिया। इससे बीजेपी के लिए चुनौती काफी बढ़ गई है। गौरतलब है कि पंजाब में कृषि बिल के खिलाफ लगातार प्रदर्शन हो रहा है।
अब बीजेपी खुद पंजाब में इन बिलों के समर्थन में उतर आई है। प्रधानमंत्री और कृषि मंत्री की तरफ से बार-बार आश्वस्त किए जाने के अलावा भी काफी संख्या में पोस्ट किसानों को संबोधित करते हुए ही पोस्ट किए गए हैं। किसानों से संबंधित पोस्ट पर कुछेक पॉजिटिव कॉमेन्ट्स को छोड़ दें तो ज्यादातर कॉमेन्ट्स बीजेपी और बिल के विरोध में ही होते हैं।
विरोध में की जा रही टिप्पणियां केवल ग्रामीण बैकग्राउंड से जुड़े लोगों की ही नहीं, बल्कि शहरी क्षेत्रों में रहने वालों की तरफ से भी की जा रही हैं। BJP पंजाब पेज पर ऐसे ही एक पोस्ट में सुखवीर सिंह नामक शख्स ने लिखा- ‘ कृषि बिल किसानों के लिए कई फायदे लेकर आएगा, जैसे BSNL के लिए Jio लेकर आया।’ वहीं कुलविंदर सिंह ने लिखा कि नोटबंदी के भी कई फायदे गिनाए गए। क्या एक भी दिखा?
इसके अलावा कृषि बिल को लेकर आपसी भेद को बढ़ाने की कोशिश भी सामने आई है। पंजाब पुलिस के आला अधिकारी भले ही सोशल मीडिया पर पैनी नजर बनाए रखने का दावा करें। लेकिन फेक न्यूज के साथ ही प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ नफरती संदेश भी सामने आ रहे हैं। इसमें ‘जस्टिस फॉर पंजाबी हिंदू’ ग्रुप में अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। वहीं प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले हिंदुओं के खिलाफ भी फटकार लगाते हुए पोस्ट की गई।


Download Android App
Download iOS App




