आम आदमी पार्टी (आप) के बागी नेता सुखपाल सिंह खेहरा ने आज कहा कि 1984 के सिक्ख विरोधी दंगों में कथित संलिप्तता के आरोपी कमलनाथ, जिन्हें मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री बनाये जाने की संभावना है, पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अपना रुख बताएं। श्री खेहरा ने आज यहां जारी बयान में कहा कि दंगों के समय श्री कमलनाथ की संसद के निकट रकाबगंज गुरूद्वारे के पास उपस्थिति की पुष्टि अंग्रेजी दैनिक इंडियन एक्सप्रेस के तत्कालीन पत्रकार संजय सूरी ने ही नहीं बल्कि दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों – पुलिस आयुक्त सुभाष टंडन और अवर आयुक्त गौतम कौल – ने भी की है।
विधानसभा में पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि नानावटी आयोग ने श्री कमलनाथ से पूछताछ भी की थी और उनके उत्तर को ‘अस्पष्ट‘ करार दिया था। यह पर्याप्त प्रमाण था कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाता पर इतने साल तक कांग्रेस और बाद में भारतीय जनता पार्टी ने भी उन्हें बचाया तथा कुछ नहीं किया। श्री खेहरा ने जानना चाहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह जो दिल्ली में पार्टी आलाकमान के निर्देशों पर कनाडा के सिक्ख राजनीतिज्ञों को बेझिझक बदनाम करते रहते हैं क्या अब इस मुद्दे पर बोलने की हिम्मत दिखाएंगे।
श्री खेहरा ने कहा कि कैप्टन को याद रखना चाहिये कि की मलनाथ के खिलाफ प्रमाण कनाडा के रक्षा मंत्री हरजीत सिंह सज्जन के मुकाबले ज्यादा मजबूत हैं जबकि आज तक कैप्टन सज्जन के खिलाफ कोई प्रमाण नहीं दे पाये हैं। आप के बागी नेता ने कहा कि हाल में करतारपुर साहिब कॉरीडोर पर मुख्यमंत्री का विरोध कर दर्शाने की कोशिश की थी कि हर मुद्दे पर उनके अपने विचार हैं अब वह श्री कमलनाथ पर अपनी राय दें। श्री खेहरा ने जानना चाहा कि क्या कैप्टन में इतनी हिम्मत है कि वह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से श्री कमलनाथ को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री न बनाने के लिए कहें।


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