बलवंत सिंह मुल्तानी के अपहरण मामले में पंजाब के पूर्व DGP सुमेध सिंह सैनी के खिलाफ मामला दर्ज

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सैनी पर मुल्तानी के अपहरण और फिर उसकी हत्या का आरोप है। इसके बाद मुल्तानी के भाई पलविंदर सिंह मुल्तानी ने एक शिकायत दर्ज करवाई गई थी, जिसके आधार पर यह केस दर्ज किया है।

1991 आतंकवादी हमले के बाद लापता हुए बलवंत सिंह मुल्तानी के मामले में पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी और छह अन्य के खिलाफ आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के मुताबिक इन सभी लोगों के खिलाफ बुधवार शाम मोहाली के मातौर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया।
ये मामला भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 364, 201, 344 , 330  और 120 (बी)  के तहत दर्ज किया गया है। मामले के दर्ज होने के कुछ घंटे बाद ही सैनी को हिमाचल प्रदेश पुलिस ने सुबह करीब चार बजे राज्य की सीमा पर रोक दिया। वह बिना कर्फ्यू पास के हिमाचल प्रदेश में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे। कोविड-19 से निपटने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के दौरान बिना कर्फ्यू पास के कोई भी राज्य में दाखिल नहीं हो सकता।
यह मामला उस वक़्त का है जब सुमेध सिंह सैनी चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) थे। मुल्तानी को सुमेध सिंह सैनी पर चंडीगढ़ में हुए आतंकी हमले के बाद पकड़ा गया था। हमले में सैनी की सुरक्षा में तैनात चार पुलिकर्मी मारे गए थे। आरोप है कि वर्ष 1991 में सैनी की हत्या के विफल प्रयास के बाद पुलिस ने मुल्तानी का अपहरण कर लिया था। 
सैनी पर मुल्तानी के अपहरण और फिर उसकी हत्या का आरोप है। इसके बाद मुल्तानी के भाई पलविंदर सिंह मुल्तानी ने एक शिकायत दर्ज करवाई गई थी, जिसके आधार पर यह केस दर्ज किया है। बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक देवकर शर्मा ने बताया कि पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी खैरा मोरा नाके से सुबह चार बजे अपनी निजी कार में दो अन्य लोगों के साथ हिमाचल प्रदेश में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे। 
अधिकारी ने बताया कि सैनी सीएच-01-बीडब्ल्यू 0820 पंजीकृत नंबर की गाड़ी में पंजाब सीमा की ओर से आ रहे थे। शर्मा ने बताया कि बिलासपुर जिले के स्वरघाट में पंजाब-हिमाचल प्रदेश सीमा के पास नाके पर तैनात कर्मियों के पूछताछ करने पर डीजीपी के साथ मौजूद दो अन्य व्यक्ति ने खुद को निरीक्षक और सहायक उप-निरीक्षक बताया। 
उन्होंने कहा, ‘‘ उनके अनुरोध पर कर्मियों ने नैना देवी के पुलिस उपाधीक्षक को बुलाया, जिन्होंने बाद में मुझे बुलाया और फिर मैंने बिना कर्फ्यू पास के उन्हें राज्य में दाखिल ना होने देने का निर्देश दिया।’’

Desk Team