पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता सुखपाल सिंह खेहरा ने आज मुख्यमंत्री कैप्टन अरमिंदर सिंह से खनन घोटाले में बिजली मंत्री राणा गुरजीत सिंह के खिलाफ सीबीआई जांच करवाने की मांग की।
खेहरा ने यहां पत्रकारों से बातचीत में खनन घोटाला जांच के लिए गठित न्यायमूर्ति नारंग आयोग को’बोगस’ करार दिया और कहा कि आयोग की रिपोर्ट हाासिल करने के लिये सीएलपी नेता को जब 50 दिन लग गये तो आम आदमी की हालत क्या होगी, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है। श्री खेहरा ने सवाल किया कि मुख्यमंत्री का’क्लीन चिट’कमीशन बनाने की जरूरत क्या थी जिसके लिये करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाये गये और आखिरकार भ्रष्टाचार को दबा दिया गया।
आम आदमी पार्टी के नेता ने आरोप लगाया कि खनन आवंटन में नियमों का उल्लंघन हुआ है,यह इस रिपोर्ट के तथ्यों से पता चलता है लेकिन अरमिंदर सरकार ने सिंह को बचाने की पूरी कोशिश की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने दोहरे मापदंड अपनाये हैैं। आप नेता ने कहा कि यदि अकाली नेता रहे सुच्चा सिंह लंगाह के खिलाफ 12 घंटे में कार्रवाई हो सकती है तो राणा गुरजीत सिंह के खिलाफ क्यों नहीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कैप्टन अरमिंदर सरकार भी पिछली बादल सरकार की तरह’तेरे मेरे की राजनीति’ कर रही है जिसका नुकसान लोकतंत्र तथा आम जनता को उठाना पड़ रहा है। खेहरा ने मांग की कि घोटाले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो वह भ्रष्टाचार के खिलाफ उच्च न्यायालय जाएंगे।
उन्होंने हनीप्रीत प्रकरण में भी कैप्टन अरमिंदर सिंह पर दोहरी नीति अपनाने और एक कांग्रेसी नेता को बचाने का आरोप लगाया जिसने कथित रूप से हनीप्रीत को शरण दी थी।


Download Android App
Download iOS App



