शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने शनिवार को केंद्र सरकार पर अमेरिकी फार्मा कंपनी फाइजर और मॉडर्ना को भारत में कोविड रोधी टीकों के निर्यात की अनुमति देने में देरी करने का आरोप लगाया और कहा कि इस प्रक्रिया में तेजी लाई जानी चाहिए।
बादल ने पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से आग्रह किया कि वह केन्द्र से टीके मिलने का इंतजार करने की बजाए सीधे इन कंपनियों के साथ टीके की खुराकों को लेकर करार करें। बादल ने अमृतसर के प्रसिद्ध स्वर्ण मंदिर में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजी पीसी) की ओर से आयोजित निशुल्क टीकाकरण ‘सेवा’ की शुरुआत के अवसर पर यह बात कही।
शिअद अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पर आरोप लगाया कि दोनों ही नेता लोगों को कोविड रोधी टीके उपलब्ध कराने के अपने कर्त्तव्य का पालन करने में विफल रहे हैं। बादल ने टीका निर्माता कंपनियों को केन्द्र की ओर से अनुमति मिलने में देरी पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि इस प्रक्रिया में तेजी लानी चाहिए।
बादल ने केन्द्र से कोविड-19 के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाइयों, ऑक्सीजन सांद्रक, वेंटिलेटर और टीके को वस्तु एवं सेवा कर से मुक्त करने का भी आग्रह किया। गौरतलब है कि फाइजर ने भारत को जुलाई से अक्टूबर के बीच टीके की पांच करोड़ खुराक देने की पेशकश की है।
नीति आयोग के सदस्य डॉ वी के पाल ने बृहस्पतिवार को कहा था कि सरकार फाइजर के अनुरोध की जांच कर रही है और लोगों के व्यापक हित को ध्यान में रखकर ही निर्णय लिया जाएगा।
पंजाब में कोविड टीकाकरण के नोडल अधिकारी विकास गर्ग ने 23 मई को कहा था कि राज्य सरकार ने कोविड रोधी टीके की खुराकों की सीधी खरीद के लिए स्पूतनिक वी, फाइजर, मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन से सीधे संपर्क किया था, लेकिन अधिकतर कंपनियों का कहना है कि वे केवल केन्द्र सरकार से ही समझौता करेंगी।


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