चंडीगढ़: पंजाब में पुलिस उच्च आधिकारियों और सिविल आधिकारियों के तबादले में कांग्रेसी नेताओं की अनावश्यक दखलअन्दाजी पर आम आदमी पार्टी ने शुक्रवार को ऐसे नेताओं को आधिकारियों को कार्य करने में रुकावट डालने से गुरेज करने के लिए कहा। आम आदमी पार्टी के सीनियर नेता और पंजाब विधान सभा में विपक्ष के नेता एचएस फू लका ने कहा कि कांग्रेसी नेता अकाली नेताओं से भी बढ़ कर सरकारी कर्मचारियों को उनकी ड्यूटी करने में रुकावट बन रहे हैं। श्री फूलका ने कहा कि कांग्रेसी नेता बदले की राजनीति पर उतर आए हैं और आधिकारियों को विरोधी नेताओं के खिलाफ झूठे केस दर्ज करने के लिए दबाव बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि अखबारों में छपी खबरों के अनुसार पंजाब के मंत्री राणा गुरजीत सिंह, एमएलए परगट सिंह, सुखजिन्दर सिंह रंधावा आदि द्वारा पुलिस तबादलों पर जाहिर की गई नाखुशी से सिद्ध होता है कि उनका अपनी सरकार की कार्यशैली में ही विश्वास नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को पुलिस और सिविल आधिकारियों के तबादलों सम्बन्धित एक पॉलिसी तैयार करनी चाहिए। जिसके अधीन मैरिट के आधार पर ही तबादले और नियुक्तियां की जानी चाहिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अपने मंत्रियों और एमएलए के चहेते पुलिस आधिकारियों को उच्च पद देने की जगह राज्य में कानून और न्याय की व्यवस्था दुरुस्त करने पर जोर दे।
सरकार गौशालाओं को मुफ्त बिजली की सुविधा जारी रखे:
फूलका ने पंजाब स्टेट पावर निगम द्वारा राज्य की गौशालाओंं को दी जाने वाली मुफ्त बिजली की सुविधा को बंद करने के फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह मुद्दा सामाजिक और धार्मिक मूल्यों के साथ जुड़ा हुआ है और लोग अपने तौर पर खर्चा करके गौशालाएं चला रहे हैं। इस लिए सरकार गौशालाओं को दी जाने वाली मुफ्त बिजली की सुविधा जारी रखे। फूलका ने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि पावर निगम द्वारा गौशालाओं की प्रबंधक समितियों के साथ बिना सलाह किए ही तानाशाही ढंग से यह फैसला लागू कर दिया गया है।
(अनूप कुमार)


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