सिखों को लेकर कांग्रेस की भूमिका हमेशा शक के घेरे में रही: Satnam Singh Sandhu

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सिख दंगों पर कांग्रेस की चुप्पी पर सतनाम सिंह संधू का निशाना

भाजपा सांसद सतनाम सिंह संधू ने शुक्रवार को कांग्रेस पर जोरदार निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब कभी भी सिख समुदाय से जुड़े मुद्दों की बात आती है, तो कांग्रेस की भूमिका हमेशा ही शक के घेरे में रहती है। कांग्रेस ने कभी भी सिख समुदाय से जुड़े मुद्दों पर खुलकर अपनी बात नहीं रखी है, जिसे लेकर उनकी भूमिका पर सवाल उठना लाजिमी है।

सतनाम सिंह संधू ने कहा कि सिख दंगे के आरोपी सज्जन कुमार को जब उम्र कैद की सजा मिली, तो कांग्रेस के किसी भी नेता ने इसे लेकर धन्यवाद नहीं दिया, जबकि सिख समुदाय से जुड़ा एक-एक व्यक्ति पिछले कई साल से यही अरदास कर रहा था कि सज्जन कुमार को कड़ी से कड़ी सजा मिले। लेकिन जब उसे सजा मिली, तो कांग्रेस के किसी भी नेता ने इस मामले में कुछ भी कहने की जहमत नहीं उठाई।

औरंगजेब का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अगर किसी मुगल शासक ने सिख समुदाय पर सबसे ज्यादा अत्याचार किए हैं, तो वह औरंगजेब ही है। धर्म की रक्षा के लिए गुरु तेग बहादुर ने अपने प्राणों की आहुति दे दी। औरंगजेब ने जम्मू-कश्मीर में अपनी क्रूरता की सारी हदें पार कर दी थीं। जबरन लोगों का धर्म परिवर्तन भी उसी ने कराया था। किसी भी इंसान की भूमिका का जब हम अध्ययन करते हैं, तो सबसे पहले हम उसके परिवार को खंगालते हैं। हम सभी इतिहास में जानते हैं कि किस तरह से औरंगजेब ने अपने पिता को कैद में डाल दिया था।

उन्होंने कहा कि औरंगजेब जैसा क्रूर राजा, जिसने न कभी अपने भाई और न ही कभी अपने पिता के प्रति दया दिखाई थी। ऐसी स्थिति में आप उससे कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि वह किसी दूसरे के प्रति दया दिखाए।

उन्होंने कहा कि सिखों पर सबसे ज्यादा जुल्म औरंगजेब के दौरान ही हुए थे। औरंगजेब के समय ही गुरु तेग बहादुर की शहादत हुई थी। औरंगजेब को किसी भी तरह से ईश्वर का डर नहीं था।

राज्यसभा सांसद ने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि आज की तारीख में औरंगजेब को एक अच्छे इंसान के रूप में पेश करने की कोशिश की जा रही है। मुझे लगता है कि इस स्थिति को किसी भी कीमत में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मेरा सवाल है कि कांग्रेस पार्टी में भी सिख नेता हैं। मौजूदा समय में जिस तरह से औरंगजेब को हीरो के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, वे उसका विरोध क्यों नहीं कर रहे।

News Desk

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