पंजाब में मनीष सिसोदिया के स्कूल निरीक्षण पर डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट ने जताया विरोध

Summary :

टीचर्स फ्रंट ने सिसोदिया के निरीक्षण को बताया पंजाब का अपमान

दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के हाल ही में पंजाब के स्कूलों का दौरा करने और अधिकारियों को निर्देश देने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मनीष सिसोदिया ने पंजाब के स्कूलों का निरीक्षण किया और यहां की शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई दिशा-निर्देश दिए। इस पर डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट ने कड़ा विरोध जताया है।

टीचर महेंद्र सिंह ने रविवार को एक वीडियो संदेश जारी कर मनीष सिसोदिया के दौरे पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हम यह मानते हैं कि मनीष सिसोदिया वह व्यक्ति हैं, जिन्हें दिल्ली की जनता ने नकार दिया है। दिल्ली में उनका शिक्षा मॉडल पूरी तरह से विफल हो चुका है, ऐसे में वह बिना किसी संवैधानिक पद के पंजाब आकर हमारे स्कूलों की चेकिंग नहीं कर सकते। पंजाब की सरकार, पंजाब के मंत्री और यहां के अधिकारी ही पंजाब के स्कूलों की चेकिंग और निरीक्षण कर सकते हैं, न कि वे व्यक्ति जो जनता द्वारा नकारे जा चुके हैं।

पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि हम पंजाब सरकार से भी विरोध दर्ज कराते हैं, क्योंकि वह नई शिक्षा नीति 2020 को पंजाब में लागू करवा रहे हैं, जिसका हम विरोध कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि पंजाब में अपनी शिक्षा नीति हो, जो पंजाब के हालातों के हिसाब से तैयार की जाए। टीचर्स फ्रंट ने यह भी कहा कि पिछले साल 5 सितंबर को पंजाब कैबिनेट की बैठक में यह घोषणा की गई थी कि पंजाब की अपनी शिक्षा नीति बनाई जाएगी, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब के अधिकारी इस मुद्दे पर कोई ठोस बयान देने के लिए तैयार नहीं हैं।

News Desk

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