चंडीगढ़ : आनंदपुर साहिब के सांसद मनीष तिवारी ने यहां शनिवार को कहा कि नागरिकता संशोधन कानून के जरिए विभाजनकारी ताकतें एक बार फिर अपना सिर उठा रही हैं। तिवारी ने सैन्य साहित्य महोत्सव में ‘एक और सत्याग्रह भारत की आत्मा के लिए’ विषय पर आयोजित चर्चा में कहा कि 1947 में विभाजन के समय तत्कालीन केंद्र सरकार ने ‘विभाजनकारी ताकतों को काबू में रखने के लिए’ धर्मनिरपेक्ष ढांचे को अपनाया।
राज्य सरकार द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में तिवारी के हवाले से कहा गया, “लेकिन ये ताकतें एक बार फिर अपने भयानक सिर उठा रही हैं।” तिवारी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार बिना धार्मिक भेदभाव के शरणार्थियों को शरण देना प्रत्येक देश का कर्तव्य है।


Download Android App
Download iOS App



