पंजाब सरकार ने मंगलवार को अपनी परमिट प्रणाली के तहत चलने वाली निजी बसों को चंडीगढ़ जाने की अनुमति नहीं देने के लिए राज्य परिवहन योजना में संशोधन किया।
राज्य सरकार ने कहा कि इस फैसले से “बादल परिवार के स्वामित्व वाली निजी बसों का एकाधिकार” और निजी बसों के माफियाओं का राज समाप्त हो जाएगा।
नयी नीति के अनुसार, केवल राज्य परिवहन उपक्रमों के स्वामित्व वाली बसें ही चंडीगढ़ में प्रवेश कर सकती हैं। वर्तमान में निजी वातानुकूलित बसें भी चंडीगढ़ बस स्टैंड से यात्रियों को लेने जाती हैं।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, “मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने राज्य से निजी बस माफिया को जड़ से खत्म करने के लिए एक और अहम फैसला लेते हुए अंतरराज्यीय रूटों पर बादल परिवार की निजी बसों और अन्य निजी बस माफियाओं के एकाधिकार को खत्म कर दिया है।”
पंजाब के परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि पंजाब परिवहन योजना – 2018 को पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा “बादल परिवार और अन्य निजी बस माफियाओं को लाभ देने” के लिए तैयार किया गया था।


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