560 दिन बाद खत्म हुआ 400 फीट ऊपर टावर पर प्रदर्शन, सख्त कानून बनने के बाद उतरे गुरजीत सिंह खालसा

Summary :

Gurjeet Singh Khalsa Protest End : पंजाब में बेअदबी की घटनाओं के खिलाफ कड़े कानून की मांग को लेकर लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे गुरजीत सिंह खालसा ने आखिरकार अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। वह पिछले 560 दिनों से पटियाला के पास समाना में 400 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर बैठे हुए थे। सरकार की ओर से गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ सख्त प्रावधानों वाला संशोधित कानून ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ अधिसूचित किए जाने के बाद उन्होंने नीचे उतरने का फैसला लिया। अक्टूबर 2024 से शुरू हुआ था विरोध जानकारी के अनुसार,…

Gurjeet Singh Khalsa Protest End : पंजाब में बेअदबी की घटनाओं के खिलाफ कड़े कानून की मांग को लेकर लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे गुरजीत सिंह खालसा ने आखिरकार अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। वह पिछले 560 दिनों से पटियाला के पास समाना में 400 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर बैठे हुए थे।

सरकार की ओर से गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ सख्त प्रावधानों वाला संशोधित कानून ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ अधिसूचित किए जाने के बाद उन्होंने नीचे उतरने का फैसला लिया।

अक्टूबर 2024 से शुरू हुआ था विरोध

जानकारी के अनुसार, 12 अक्टूबर 2024 को गुरजीत सिंह खालसा ने बेअदबी के मामलों में सख्त कानून बनाने की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़कर विरोध शुरू किया था। प्रशासन ने उन्हें कई बार नीचे उतारने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। उन्हें करीब 560 दिनों तक चले इस अनोखे प्रदर्शन के बाद आखिरकार सेना की मदद से उन्हें सुरक्षित नीचे उतारा गया। टावर से उतारने के तुरंत बाद खालसा को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मेडिकल जांच की गई। इस दौरान उनके समर्थकों ने फूल बरसाकर उनका स्वागत किया।

नीचे उतरते वक्त खालसा ‘सिख जयकारा’ और ‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ के नारे लगाते रहे। मौके पर मौजूद लोग इस दौरान खुशी जाहिर करते नजर आए। खालसा ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार द्वारा बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाए जाने के बाद ही उन्होंने अपना प्रदर्शन समाप्त करने का निर्णय लिया।

स्पेशल सत्र में पास हुआ था विधेयक

बता दें कि 13 अप्रैल को पंजाब सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर इस संबंध में विधेयक पेश किया था, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। बाद में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने भी इसे मंजूरी दे दी, जिसके बाद यह कानून लागू हो गया।

इस संशोधित कानून के तहत गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के किसी भी मामले में दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास और 25 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

यह भी पढ़ें – फिनलैंड की यूनिवर्सिटी ऑफ टुर्कू के साथ पंजाब सरकार की साझेदारी, वैश्विक शिक्षण तकनीकों को पंजाब के क्लासरूम तक पहुंचाने में मददगार : सीएम भगवंत मान

Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।