पंजाब तथा हरियाणा नशे के तेजी से पैर पसारने पर लगाम कसने के लिये आपसी तालमेल बढ़ने को तैयार होने के साथ 25 जुलाई को उत्तर क्षेत्र के राज्यों की अंतरराज्यीय बैठक बुलाने पर सहमत हो गये हैं।
ज्ञातव्य है कि पंजाब तथा हरियाणा में नशा तेजी से बढ़ रहा है जिसका शिकार युवक हो रहे हैं। इस पर नकेल कसने की कोशिशें भी नाकाम साबित हो रही हैं।
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ आज बैठक की। कैप्टन सिंह ने कहा कि 25 जुलाई को होने वाली उत्तर क्षेत्र के राज्यों की बैठक की मेजबानी पंजाब करेगा। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा,पंजाब,हिमाचल प्रदेश,राजस्थान,उत्तराखंड और दिल्ली के मुख्यमंत्री और जम्मू कश्मीर के राज्यपाल, दिल्ली के उप राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक के इस बैठक में भाग लेने की संभावना है।
नशे की समस्या से निपटने के लिये पहली बैठक गत अप्रैल में पंचकूला में हुई थी जिसमें केन्द्रीयकृत सचिवालय स्थापित करने का फैसला लेने के अलावा खुफिया जानकारी तथा सूचना आदान प्रदान के लिये हर राज्य की ओर से नोडल अफसर तैनात करने का फैसला किया गया था। उत्तरी राज्यों ने नशों के विरुद्ध सक्रिय मुहिम छेड़ने पर सहमति जताई थी।
श्री खट्टर के साथ बैठक के बाद कैप्टन सिंह ने कहा कि उनकी सरकार नशों का खात्मा करने के लिए वचनबद्ध है। सरहद पार से पंजाब में नशे की तस्करी ने ऐसे हालात पैदा कर दिये हैं कि अब इसे पूरी तरह खत्म करना अनिवार्य है। तस्करी पाकिस्तान के साथ साथ देश के अंदरूनी हिस्सों विशेषकर कश्मीर से भी हो रही है। उनकी सरकार नशों के विरुद्ध लापरवाही कतई सहन नहीं करेगी।
इससे पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कैप्टन सिंह का स्वागत किया और उनको भगवत् गीता की एक प्रति तथा एक मीमैंटो भेंट किया।


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