लुधियाना-कपूरथला : पंजाब के विख्यात आई.के गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी के पूर्व उपकुलपति डॉ रजनीश अरोड़ा की जमानत याचिका मानयोग जिला और सैशन जज ने खारिज कर दी। यूनिवर्सिटी में वितीय प्रबंधकी अनियमिताएं के चलते डॉ रजनीश अरोड़ा को न्यायिक हिरासत में लिया गया था।
जानकारी के मुताबिक पूर्व वाइस चांसलर डॉ रजनीश अरोड़ा ने डिस्टिक एंड सेशन जज आर.एस राय की अदालत में जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी। वितीय व प्रशासनिक अनियमिताओं के आरोप में न्यायिक हिरासत में स्थानीय मार्डन जेल में बंद डॉ अरोड़ा को विजिलेंस ब्यूरो ने गिरफतार किया था जबकि अदालत ने 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा था।
गत दिनों पंजाब टैकनीकल यूनिवर्सिटी में हुई इस घपलेबाजी के आरोपों में विजिलेंस की टीम ने डॉ रजनीश अरोड़ा को उनके अमृतसर स्थित रिहायश से गिरफतार किया था। उनपर पीटीयू में 6 को-आडिनेटर और फैसीलीटरेटरों की बिना किसी विज्ञापन के नियुक्तियां करने और 6 सीएडएफ को वर्ष 2012-13 में 2 करोड़ 73 लाख 20 हजार और वर्ष 2013-14 के लिए 6 करोड़ 53 लाख 50 हजार रूपए की अदायगी करने के आरोप है।
इस केस में विजिलेस की ओर से अरोड़ा के अलावा पीटीयू के पूर्व सलाहकार नछतर सिंह, डायरेक्टर भारद्वाज, सहायक रजिस्ट्रार विश्वदीप समेत कुल 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
– सुनीलराय कामरेड
24X7 नई खबरों से अवगत रहने के लिए क्लिक करे।


Download Android App
Download iOS App



