100 साल बाद पटरी पर लौटी कादियां–ब्यास रेल परियोजना, पंजाब को मिलेगा विकास का नया ट्रैक

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Punjab News: पंजाब के माझा क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केंद्र सरकार ने कई वर्षों से रुकी हुई कादियां–ब्यास नई रेल लाइन परियोजना को फिर से शुरू करने का फैसला किया है। रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने रेल भवन में मीडिया से बातचीत के दौरान इस महत्वपूर्ण घोषणा की जानकारी दी। उन्होंने इस परियोजना को मंजूरी देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब में रेलवे सुविधाओं को बेहतर बनाने और क्षेत्र के विकास को बढ़ावा…

Punjab News: पंजाब के माझा क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केंद्र सरकार ने कई वर्षों से रुकी हुई कादियां–ब्यास नई रेल लाइन परियोजना को फिर से शुरू करने का फैसला किया है। रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने रेल भवन में मीडिया से बातचीत के दौरान इस महत्वपूर्ण घोषणा की जानकारी दी। उन्होंने इस परियोजना को मंजूरी देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब में रेलवे सुविधाओं को बेहतर बनाने और क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। यह रेल परियोजना भी उसी दिशा में एक अहम कदम है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित रेल लाइन गुरदासपुर जिले के कादियां को अमृतसर जिले के ब्यास से जोड़ेगी। करीब 39.68 किलोमीटर लंबी यह ब्रॉडगेज रेल लाइन लगभग 1,400 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जाएगी। इस परियोजना का निर्माण कार्य उत्तरी रेलवे द्वारा किया जाएगा। नई रेल लाइन कादियां, धपाई, घुमान, बुटाला, सठियाला और ब्यास जैसे कई महत्वपूर्ण गांवों और कस्बों से होकर गुजरेगी। इससे उन क्षेत्रों को पहली बार सीधी रेल सुविधा मिलेगी, जहां अब तक रेलवे नेटवर्क नहीं पहुंच पाया था। लोगों को यात्रा करने में आसानी होगी और माल परिवहन भी तेज और सुविधाजनक बनेगा।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी रेल लाइन

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इस परियोजना में आधुनिक रेलवे तकनीक का उपयोग किया जाएगा। रेल मार्ग पर घुमान और बुटाला में दो क्रॉसिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके अलावा 11 बड़े पुल, 121 छोटे पुल और 54 रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) का निर्माण किया जाएगा।

रेलवे सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए आधुनिक सिग्नलिंग और दूरसंचार व्यवस्था स्थापित की जाएगी। साथ ही भारत की स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ भी इस रेल लाइन पर लागू की जाएगी, जिससे ट्रेन संचालन और अधिक सुरक्षित हो सकेगा।

लगभग एक सदी पुराना है परियोजना का इतिहास

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कादियां–ब्यास रेल लिंक की योजना नई नहीं है। इसकी शुरुआत ब्रिटिश शासन के दौरान हुई थी। वर्ष 1928-29 में तत्कालीन नॉर्थ-वेस्टर्न रेलवे ने इस परियोजना को मंजूरी दी थी और 1930 के दशक में इसका काफी निर्माण कार्य भी किया गया था।

हालांकि बाद में परिस्थितियों और प्राथमिकताओं में बदलाव के कारण यह परियोजना बंद हो गई। इसके बाद कई वर्षों तक यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी। बाद में इसे सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण रेल संपर्क परियोजना के रूप में दोबारा शामिल किया गया और वर्ष 2010-11 के पूरक रेल बजट में स्थान मिला। लेकिन विभिन्न प्रशासनिक और तकनीकी कारणों से काम आगे नहीं बढ़ पाया। अब सरकार ने इसे फिर से गति देने का फैसला किया है।

क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा

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रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि यह रेल लाइन केवल यात्रा सुविधा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। किसानों को अपनी फसलों और कृषि उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी।

इसके अलावा व्यापार, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और छोटे उद्योगों को भी लाभ मिलेगा। परियोजना के निर्माण और बाद के संचालन के दौरान स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। बेहतर कनेक्टिविटी से क्षेत्र में निवेश और आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

धार्मिक पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा

नई रेल लाइन से कई प्रमुख धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी। इनमें कादियां, डेरा बाबा जैमल सिंह (ब्यास), डेरा बाबा नानक, गुरुद्वारा अचल साहिब, गुरुद्वारा भक्त नामदेव जी (घुमान), गुरुद्वारा साहिब पातशाही पंजवीं, पंडोरी धाम, राम शरणम मंदिर और शिरडी साईं मंदिर जैसे महत्वपूर्ण स्थल शामिल हैं।

बेहतर रेल सुविधा मिलने से देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है, जिससे स्थानीय पर्यटन उद्योग को भी लाभ मिलेगा।

लोगों को दी बधाई

अपने संबोधन के अंत में रवनीत सिंह बिट्टू ने कादियां, ब्यास, घुमान, बुटाला, सठियाला और पूरे माझा क्षेत्र के लोगों को इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए बधाई दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार सभी जरूरी मंजूरियां जल्द पूरी कर समयबद्ध तरीके से इस रेल परियोजना को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।