महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम, पंजाब कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

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Punjab News: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरेंद्र सिंह राजा वडिंग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधने का काम किया। उन्होंने कहा कि देश में यह गलत संदेश फैलाया जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी “नारी शक्ति वंदन” के खिलाफ है, जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल उलट है। कांग्रेस हमेशा से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के पक्ष में रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस 543 लोकसभा सीटों पर सीधे तौर पर महिला आरक्षण लागू करने का समर्थन करती है। Punjab News: केंद्र सरकार पर गुमराह करने का आरोप वडिंग…

Punjab News: पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरेंद्र सिंह राजा वडिंग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना साधने का काम किया। उन्होंने कहा कि देश में यह गलत संदेश फैलाया जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी “नारी शक्ति वंदन” के खिलाफ है, जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल उलट है। कांग्रेस हमेशा से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के पक्ष में रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस 543 लोकसभा सीटों पर सीधे तौर पर महिला आरक्षण लागू करने का समर्थन करती है।

Punjab News: केंद्र सरकार पर गुमराह करने का आरोप

वडिंग ने प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वे भावनात्मक भाषणों के जरिए जनता को भ्रमित कर रहे हैं। उनका कहना था कि 2023 में महिला आरक्षण बिल सभी दलों की सहमति से पास हो चुका है, लेकिन इसे लागू करने में देरी की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बिल को 2027 की जनगणना और परिसीमन से जोड़ना सरकार की नीयत पर सवाल खड़े करता है।

महिला आरक्षण का इतिहास

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उन्होंने महिला आरक्षण के इतिहास पर भी प्रकाश डाला। 1993 में स्थानीय निकायों में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू हुआ था। 1999 में राजीव गांधी ने पंचायत और निकाय चुनावों में महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रस्ताव रखा था, हालांकि वह पारित नहीं हो पाया। 2010 में यूपीए सरकार ने राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पास किया था। इसके बाद 2018 में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इसे लागू करने की मांग की थी और 2019 के चुनावों में भी यह मुद्दा उठाया गया था।

परिसीमन पर उठे सवाल

वडिंग ने कहा कि मौजूदा बिल को परिसीमन से जोड़ना लोकतंत्र के लिए खतरनाक हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे दक्षिण भारत के राज्यों का प्रतिनिधित्व घटेगा, जबकि उत्तर भारत के कुछ राज्यों में सीटों की संख्या बढ़ेगी। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सीटें 80 से बढ़कर 140 हो सकती हैं, बिहार में 39 और राजस्थान में 25 सीटें बढ़ सकती हैं, जबकि तमिलनाडु में केवल 12 सीटों का इजाफा होगा। उनके अनुसार यह असंतुलन लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करेगा।

राजनीतिक मंशा पर सवाल

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण को चुनावी मुद्दा बनाकर दो राज्यों के चुनाव में फायदा उठाना चाहती है। इससे महिलाओं को यह संदेश देने की कोशिश हो रही है कि कांग्रेस उनके अधिकारों के खिलाफ है, जबकि कांग्रेस हमेशा महिला सशक्तिकरण के साथ खड़ी रही है। उन्होंने यह भी कहा कि परिसीमन का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है।

पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि हाल ही में 8 करोड़ रुपये की लूट की घटना डेढ़ घंटे तक चलती रही, लेकिन पुलिस समय पर कार्रवाई नहीं कर सकी। इस मामले में केवल दो आरोपियों को पकड़ा गया और करीब 30 लाख रुपये ही बरामद किए गए हैं, जबकि मुख्य आरोपी अब भी फरार हैं।

गुरदासपुर में बढ़ती घटनाएं

रंधावा ने कहा कि गुरदासपुर में इसी तरह की चार घटनाएं हो चुकी हैं, जो पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रात के समय थानों के रास्ते और गेट तक बंद कर दिए जाते हैं, जिससे जनता को सुरक्षा का भरोसा नहीं मिल पा रहा।

जेल और गैंगस्टर मुद्दा

उन्होंने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के इंटरव्यू का मुद्दा भी उठाया। रंधावा के अनुसार पहले सरकार ने दावा किया कि इंटरव्यू पंजाब की जेल में नहीं हुआ, लेकिन जांच में यह साफ हो गया कि यह इंटरव्यू राज्य की जेल के अंदर ही हुआ था। इससे जेल प्रशासन और सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।

रंधावा ने कहा कि राज्य में सुरक्षा व्यवस्था भी पक्षपातपूर्ण हो गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेताओं को पहले भारी सुरक्षा दी जाती है और फिर अचानक हटा ली जाती है। इससे यह संदेश जाता है कि जो सरकार के साथ है उसे सुरक्षा मिलेगी और जो विरोध में है, उसे नहीं। उन्होंने सिद्धू मूसेवाला की हत्या का उदाहरण देते हुए सुरक्षा में कमी को गंभीर मुद्दा बताया।

सरकार की कार्यशैली पर उठे सवाल

उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि अब तक कानून-व्यवस्था और गैंगस्टर गतिविधियों पर कोई ठोस प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के मामलों में सरकार पहले कार्रवाई का दिखावा करती है और बाद में संबंधित लोगों को क्लीन चिट देने की कोशिश करती है।

पुलिस और प्रशासन की स्थिति

रंधावा ने कहा कि पंजाब पुलिस ने हमेशा गैंगस्टरवाद के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ी है, लेकिन वर्तमान स्थिति में ऐसा लग रहा है कि पुलिस या तो दबाव में है या फिर कुछ मामलों में समझौता कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि वे विदेश यात्राओं के बजाय राज्य में रहकर कानून-व्यवस्था सुधारने और उद्योगों को बचाने पर ध्यान दें।

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Pankhil Verma