Punjab News: केंद्रीय राज्य मंत्री (रेलवे एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग) एस. रवनीत सिंह बिट्टू ने आज शंभू के पास हाल ही में हुए विस्फोट स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (EDFC) के साथ सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने पंजाब में रेलवे को निशाना बनाकर हो रही बार-बार की घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने साफ कहा कि ऐसी घटनाएं देश की महत्वपूर्ण अवसंरचना के लिए खतरा हैं और इन्हें रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।
मंत्री ने बताया कि रेलवे अब ईडीएफसी पर 24 घंटे गश्त को और अधिक सख्त करेगा। साथ ही निगरानी व्यवस्था को भी बड़े स्तर पर बढ़ाया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि अंबाला मंडल के पंजाब क्षेत्र में अभी तक 173 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं और आगे भी नए कैमरे लगाए जा रहे हैं। खासकर सुनसान और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा। इन क्षेत्रों में ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर निगरानी की जाएगी।
Punjab News: जमीनी स्तर पर भी होगी कड़ी निगरानी

रेलवे ट्रैक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की-मैन (रेलवे कर्मचारी) लगातार ट्रैक पर गश्त करेंगे। इससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि का समय रहते पता लगाया जा सकेगा और दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा। मंत्री ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
लगातार हो रही घटनाओं पर चिंता
मंत्री ने बताया कि पिछले तीन महीनों में लगभग 35 किलोमीटर के दायरे में यह दूसरी घटना है। पहली घटना 23 जनवरी को हुई थी, जो राष्ट्रीय राजमार्ग-44 से करीब 800 से 900 मीटर दूर थी। वहीं हालिया विस्फोट का स्थान इस राजमार्ग से लगभग 300 मीटर की दूरी पर है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि असामाजिक तत्व राजमार्ग के नजदीक होने का फायदा उठाकर आसानी से रेलवे ट्रैक तक पहुंच रहे हैं।
बाहरी तत्वों की संलिप्तता के संकेत
उन्होंने कहा कि इन घटनाओं में बाहरी तत्वों के शामिल होने के संकेत मिल रहे हैं। ऐसे लोग देश की महत्वपूर्ण रेलवे व्यवस्था को नुकसान पहुंचाकर क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि इस तरह की घटनाएं न सिर्फ सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि राज्य की आर्थिक गतिविधियों को भी प्रभावित कर सकती हैं।
EDFC का महत्व और असर
ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर एक महत्वपूर्ण रेल नेटवर्क है, जो साहनेवाल को पश्चिम बंगाल से जोड़ता है। इस मार्ग पर रोजाना करीब 30 मालगाड़ियां चलती हैं, जो औद्योगिक और कृषि उत्पादों का परिवहन करती हैं। ऐसे में इस कॉरिडोर में किसी भी तरह की रुकावट देश की अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकती है। मंत्री ने लोको पायलट की सतर्कता की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि झटका महसूस होते ही पायलट ने तुरंत ट्रेन रोक दी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। इसके बाद सुरक्षा और आपातकालीन टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया और स्थिति को संभाला गया।
अंत में मंत्री ने कहा कि सरकार रेलवे की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह गंभीर है। यात्रियों और मालगाड़ियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि आर्थिक गतिविधियां बिना किसी बाधा के जारी रहें।
यह भी पढ़ें: नीदरलैंड-फिनलैंड दौरे से पंजाब में R&D, कृषि और युवाओं के लिए खुले नए अवसरों के द्वार: CM मान


Download Android App
Download iOS App




