पंजाब रेलवे परियोजनाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं है, प्रोजेक्ट्स को मिलेगा पूरा फंड: केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू

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Punjab Railway Development: केंद्रीय राज्य मंत्री (रेलवे एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग) Ravneet Singh Bittu ने पंजाब में रेलवे से जुड़ी विकास परियोजनाओं को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए धन की कोई कमी नहीं है और केंद्र सरकार लगातार निवेश बढ़ा रही है। Punjab Railway Development: रेलवे बजट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी मंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2009 से 2014 की अवधि की तुलना में पंजाब के लिए रेलवे का वार्षिक बजट लगभग 25 गुना बढ़कर ₹5,673 करोड़ तक पहुंच गया है। यह वृद्धि राज्य में रेलवे नेटवर्क को…

Punjab Railway Development: केंद्रीय राज्य मंत्री (रेलवे एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग) Ravneet Singh Bittu ने पंजाब में रेलवे से जुड़ी विकास परियोजनाओं को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए धन की कोई कमी नहीं है और केंद्र सरकार लगातार निवेश बढ़ा रही है।

Punjab Railway Development: रेलवे बजट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

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मंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2009 से 2014 की अवधि की तुलना में पंजाब के लिए रेलवे का वार्षिक बजट लगभग 25 गुना बढ़कर ₹5,673 करोड़ तक पहुंच गया है। यह वृद्धि राज्य में रेलवे नेटवर्क को आधुनिक और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। वर्तमान समय में पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में करीब ₹26,382 करोड़ की रेलवे परियोजनाएं चल रही हैं। इन परियोजनाओं में नई रेल लाइन बिछाना, स्टेशन आधुनिकीकरण, सुरक्षा सुधार और रेल क्षमता बढ़ाने से जुड़े कई कार्य शामिल हैं।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन अपग्रेड

मंत्री ने बताया कि Amrit Bharat Station Scheme के अंतर्गत पंजाब के 30 रेलवे स्टेशनों का व्यापक पुनर्विकास किया जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग ₹1,311 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। इस योजना का उद्देश्य यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं देना, स्टेशन परिसर को बेहतर बनाना और यात्रा अनुभव को अधिक सुविधाजनक बनाना है। पुनर्विकास के बाद स्टेशनों पर बेहतर प्रतीक्षालय, साफ-सफाई, आधुनिक डिजाइन और यात्री सेवाओं में सुधार देखने को मिलेगा।

दिल्ली–अंबाला रेल लाइन विस्तार को मंजूरी

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रवनीत सिंह बिट्टू ने प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार जताते हुए दिल्ली से अंबाला के बीच तीसरी और चौथी रेलवे लाइन के निर्माण को मंजूरी मिलने पर खुशी व्यक्त की। 194 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹5,983 करोड़ है और इसे चार वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह परियोजना दिल्ली–जम्मू रेल कॉरिडोर के विस्तार की बड़ी योजना का हिस्सा है, जिससे उत्तर भारत के कई महत्वपूर्ण शहरों और धार्मिक स्थलों तक यात्रा आसान होगी। इससे श्री माता वैष्णो देवी कटरा, जम्मू, श्रीनगर और शिमला जैसे प्रमुख पर्यटन एवं तीर्थ स्थलों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जिससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

मिर्थल के पास रोड अंडर ब्रिज निर्माण

मंत्री ने जालंधर कैंट, पठानकोट सेक्शन में मिर्थल रेलवे स्टेशन के पास नालुंगा क्षेत्र में रोड अंडर ब्रिज (RUB) निर्माण कार्य शुरू करने की घोषणा भी की। यह पुल दो रेलवे लाइनों को कवर करेगा और इसे 7.5 मीटर स्पैन तथा 5.5 मीटर ऊंचाई के साथ डिजाइन किया गया है। जम्मू डिवीजन द्वारा इस परियोजना की संशोधित लागत ₹18.28 करोड़ तय की गई है। इसका उद्देश्य सड़क और रेल यातायात को सुरक्षित और सुचारु बनाना है।

नैरो गेज लाइन पर ट्रैफिक समस्या

उन्होंने बताया कि नैरो गेज रेल खंड में 12 लेवल क्रॉसिंग गेट हैं, जो घनी आबादी वाले क्षेत्र में बहुत कम दूरी पर स्थित हैं। ट्रेनों के संचालन के दौरान लंबे समय तक फाटक बंद रहने से ट्रैफिक जाम, आपातकालीन सेवाओं में देरी और लोगों की परेशानी बढ़ जाती है। फिलहाल इस समस्या का कोई त्वरित तकनीकी समाधान उपलब्ध नहीं है।

समाधान के लिए DLSR विकास योजना

इस समस्या के स्थायी समाधान के रूप में पठानकोट जंक्शन से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित DLSR क्षेत्र को विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। यहां पर्याप्त भूमि उपलब्ध है और लेवल क्रॉसिंग कम होने के कारण शहरी यातायात पर कम असर पड़ेगा। करीब ₹21.42 करोड़ की लागत से यहां नई स्टेबलिंग लाइन, पिट लाइन, सिक लाइन, डीजल लोको पिट लाइन और शंटिंग नेक विकसित किए जाएंगे।

पठानकोट कैंट स्टेशन का आधुनिकीकरण

पठानकोट कैंट रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण के लिए व्यवहार्यता अध्ययन, मास्टर प्लान, शहरी डिजाइन और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने हेतु तकनीकी सलाहकार नियुक्त करने का प्रस्ताव भी दिया गया है। सरकार का लक्ष्य रेलवे स्टेशनों को आधुनिक ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित करना है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और क्षेत्र को आर्थिक लाभ मिल सके।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।