लुधियाना-अमृतसर : शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के प्रधान और पूर्व सांसद स. सिमरनजीत सिंह मान अपनी 6 दिवसीय पाकिस्तान यात्रा के बाद वापिस वतन लौट आएं, जहां पार्टी वर्करों और सिख आगुओं ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।
इस दौरान पंथक जयकारों की गूंज के साथ उन्हें सिरौपा देकर सम्मानित भी किया गया। इसी संबंध में हरबीर सिंह संधू ने बताया कि पार्टी प्रधान स. सिमरजीत सिंह मान 27 अक्तूबर को दिल्ली के गुरूद्वारा नानक पियाऊ से शिरोमणि अकाली दल दिल्ली के प्रधान स. परमजीत सरना द्वारा श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी के संरक्षक में 5 प्यारों की अगुवाई के अंतर्गत दिल्ली से ननकाना साहिब तक शुरू किए गए नगर कीर्तन के साथ 31 अक्तूबर को सरहद पार करके पाकिस्तान रवाना हुए थे, जहां अपने साथियों समेत वह आज वापिस लौटे। अटारी वाघा सरहद पर फूल मालाएं पहनाकर उनका स्वागत किया गया। स्वागत करने वालों की अगुवाई पार्टी के महासचिव स. जसकरण सिंह काहनसिंह वाला और सचिव हरबीर सिंह संधू कर रहे थे।
पाकिस्तान में कुछ विदेश सिखों ने स. मान से मुलाकात की और पंथक मामले में विचार-विमर्श करते हुए तुरंत हल करने के लिए स. मान ने विश्वास दिलवाया। स. मान ने कहा कि पहले पातशाह श्री गुरू नानक देव जी का कीरत करो, नाम जपो और वंड छको का संदेश घर-घर पहुंचाने की जरूरत है। विदेशी सिखों का एक जत्था स. हरजीत सिंह सौमल आस्ट्रेलिया की अगुवाई में पहुंचा। जिसमें गुरू साहिब की इलाही जोत को सबसे पहले पहचानने वाले व्यक्ति राय बुलार भटटी की 19 वंश के परिवार राय मोहम्मद अकरम भटटी, राय सलीम भटटी और राय बिलाल भटटी के साथ मुलाकात की और उनके साथ विचार-विमर्श किया।
शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी ने राय बुलार की तस्वीर केंद्रीय सिंह अजायब घर में लगाने के लिए बुलार साहब की 19वी वंश के परिवार को पत्र लिखकर आमंत्रण दिया है लेकिन भारतीय सफारखाने द्वारा उनको वीजा नहीं दिया जा रहा। राय सलीम भटटी ने बताया कि उन्होंने पिछले साल भी मांग की थी लेकिन उनको इंकार कर दिया। इस बार अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि वे श्री अमृतसर साहिब के दर्शन करना चाहते है और यह भी चाहते है कि उनके पूर्वजों की केंद्रीय सिख अजायब घर में तस्वीर लगते वकत होने वाले समागम में वे शमूलियत करना चाहते है। हालांकि एसजीपीसी ने उन्हें विशेष आमंत्रण पत्र भेजा है।
उधर शिरोमणि अकाली दल के प्रधान परमजीत सिंह सरना ने भी कहा कि राय बुलार सिख पंथ का अहम हिस्सा है और राय बुलार साहिब के परिवार का गुरू घर के साथ गहरे संबंध है और आज भी उनका परिवार गुरू घर को समर्पित है। उन्होंने यह भी कहा कि राय बुलार के परिवार को बिना किसी देरी से हिंदुस्तान का वीजा मिलना चाहिए ताकि वह गुरू धामों के दर्शन करने के साथ सिख अजायब घर में लगने वाली तस्वीर के समागम में हिस्सा ले सकें।
– सुनीलराय कामरेड


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