100 बच्चों को बनाया अफसर, 800 महिलाओं का कराया निशुल्क प्रसव, सिरोही की कन्या बाई की अनूठी मिसाल

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Mother India of Sirohi: समाजसेवा कार्यों से अपनी पहचान बनाना और ऐसी अनूठी मिसाल लोगों के सामने रखना जिसके बारे में किसी ने भी सोचा ना है। राजस्थान जिले के सिरोही की रहने वाली 99 वर्षीय कन्या बाई ने खुद गरीबी की मार झेलते हुए, अशिक्षित रहते हुए भी अपने पैसों से कई बच्चों को शिक्षा दे रही है और इन्हीं शिक्षा की वजह से अभी तक 100 छात्र अफसर भी बन गए है। इतना ही नहीं महिलाओं के प्रसव करवाने, देसी तरीके से उपचार करने, तबीयत ठीक करने का तरीका भी सीखाती है। जिससे इस देसी नुस्खे से उपचार…

Mother India of Sirohi: समाजसेवा कार्यों से अपनी पहचान बनाना और ऐसी अनूठी मिसाल लोगों के सामने रखना जिसके बारे में किसी ने भी सोचा ना है। राजस्थान जिले के सिरोही की रहने वाली 99 वर्षीय कन्या बाई ने खुद गरीबी की मार झेलते हुए, अशिक्षित रहते हुए भी अपने पैसों से कई बच्चों को शिक्षा दे रही है और इन्हीं शिक्षा की वजह से अभी तक 100 छात्र अफसर भी बन गए है।

इतना ही नहीं महिलाओं के प्रसव करवाने, देसी तरीके से उपचार करने, तबीयत ठीक करने का तरीका भी सीखाती है। जिससे इस देसी नुस्खे से उपचार करने के लिए लोग आज भी उनके पास जाते है। 99 वर्षीय कन्या बाई को सिरोही जिले का मदर इंडिया भी कहा जा रहा है।

Mother India of Sirohi

Mother India of Sirohi
Mother India of Sirohi (source: social media)

अपनी अनूठी मिसाल से पहचान बनाने वाली सिरोही की रहने वाली 99 वर्षीय कन्या बाई ने पुराने तरीके से लगभग 800 महिलाओं का निशुल्क प्रसव भी कराया है और अपने ही पैसों से  कई बच्चों के शिक्षा का खर्च भी उठाया है। आज के समय में यह कई बच्चे बड़े पद तक पहुंच गए है। दाई के रुप में प्रसव कराना, अपने सहयोग से शिक्षा दिलाना, शादी का खर्चा उठाना और समाज सेवा के कई बेहतर कार्यों से उन्हें आसपास के लोग मदर इंडिया के नाम से पहचानते है।

Mother India Kanya Bai Story

Mother India of Sirohi
Mother India of Sirohi (source: social media)

निशुल्क प्रसव कराने, शिक्षा के लिए सहयोग देने के साथ ही कन्या बाई ने अभी तक 25 गरीब लड़कियों की अपने खर्चे पर शादी करवा चुकी है और अभी भी अपने खर्चे से कन्याओं की शादी पर सहयोग दे रही है। बता दें कि कन्या बाई की छोटी उम्र में ही उनके माता पिता की मौत हो गई थी और जीवन जीना,  समाज में रहना संघर्षों से भरा रहा।

लेकिन उन्होनें फिर भी हार नहीं मानी और इसी संघर्ष के बीच उन्होंने सरकारी नौकरी भी हासिल की और समाज सेवा के कार्यों में अपनी पहचान बनाई है और एक अनूठी मिसाल पेश की है। 100 वर्ष होने के वह बहुत करीब है लेकिन अभी समाज सेवा अभी भी जारी है। अपनी कमाई का हिस्सा समाज सेवा के कार्यों में खर्च कर देती है।

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Himanshu Negi

हिमांशू नेगी को देश-विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने GGSIPU से संबद्ध LLDIMS कॉलेज से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन (BJMC) की पढ़ाई की है। इसके बाद HNBGU Central University से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MAJMC) पूरा किया और पत्रकारिता की शुरुआत की। दैनिक जागरण और IJCP Pvt Ltd. में इंटर्नशिप करने के बाद उन्होंने सुदर्शन टीवी चैनल में 9 PM शो के लिए प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।