राजस्थान: केंद्रीय मंत्री ने जल संरक्षण को लेकर सरकार के प्रयासों को सराहा

Summary :

जोधपुर के सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने जोधपुर में जल संरक्षण प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत में जल का अत्यधिक दोहन हो रहा है और सरकार ने इसे रोकने के लिए व्यापक कार्यक्रम शुरू किए हैं। ‘जल शक्ति अभियान’ के तहत देशभर में जागरूकता बढ़ाई जा रही है, जिससे यह एक जन आंदोलन बन गया है।

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मंगलवार को जोधपुर के सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अत्यधिक जल दोहन पर चिंता जाहिर करते हुए जल संरक्षण को लेकर सरकार की तरफ से किए जा रहे प्रयासों को सराहा। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, “भारत विश्व की सर्वाधिक आबादी वाला देश है। यहां पर जितनी नदियां हैं और उनमें जितना पानी प्रवाहित होता है, उसका लगभग 80 प्रतिशत से अधिक पानी मानसून के 30-40 दिनों में प्रवाहित होता है। भारत दुनिया में सबसे ज्यादा जमीन से पानी निकालने वाला देश है। इस मामले में दूसरे और तीसरे नंबर पर अमेरिका और चीन हैं।

गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, “राजस्थान में पानी की उपलब्धता को लेकर जिस तरीके से पहले चुनौती थी, हमारी ग्रामीण पेयजल आपूर्ति करीब 80 प्रतिशत से ज्यादा घर के जल पर निर्भर करती है। पानी के अधिक दोहन से जलस्तर काफी नीचे चला गया है। अब जल के पुनरुद्धार को लेकर व्यापक कार्यक्रम शुरू किया गया है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इन सारी गतिविधियों के प्रति लोगों को जागरूक करने के दृष्टिकोण से देश के सभी 700 जिलों में ‘जल शक्ति अभियान’ आयोजित किए जा रहे हैं। यह प्रतिवर्ष आयोजित होते हैं। प्रधानमंत्री के बार-बार आह्वान किए जाने के कारण यह एक आंदोलन बन गया है। इसी क्रम में गुजरात के वर्षा जल संचयन के अभियान का बहुत अच्छा परिणाम आया है। भाजपा सरकार ने महाराष्ट्र में भी अभियान शुरू किया है।

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शेखावत ने कहा, “राजस्थान की तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कालखंड में मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान देश का सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला अभियान रहा। वहीं, कांग्रेस ने अपने कालखंड में ऐसे कई सारे अभियान को लटकाने का काम किया। राजस्थान में वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान 5 जून को पर्यावरण दिवस और गंगा दशहरा के दिन जन सहयोग से शुरू किया गया। यह राजस्थान के लिए एक नई चेतना का आंदोलन बना है। जल संरक्षण के दृष्टिकोण से वृक्षारोपण बहुत महत्वपूर्ण है।

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