Sachin Pilot Love Story: पहले परिवार ने नहीं मानी शादी, फिर तलाक ने खत्म कर दी खूबसूरत प्रेम कहानी

Summary :

राजस्थान की राजनीति के प्रमुख नेताओं में शामिल सचिन पायलट अपनी सियासी यात्रा के साथ-साथ निजी जिंदगी को लेकर भी अक्सर चर्चा में रहते हैं। खासकर उनकी और सारा अब्दुल्ला की प्रेम कहानी, परिवार के विरोध के बीच हुई शादी और बाद में हुए तलाक ने लोगों की दिलचस्पी हमेशा बनाए रखी है।

राजस्थान की राजनीतिक गलियारों में एक चर्चा हमेशा लोगों के बीच बनी रहती है। वो हैं वहां के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की प्रेम कहानी। पायलट कांग्रेस पार्टी के एक जाने-माने और प्रमुख चेहरे हैं। राजस्थान में जब कांग्रेस की सरकार थी तब, पायलट वहां के डिप्टी सीएम रहे और टोंक जिले से विधायक भी थे। वह राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। ऐसे में वो अपने पर्सनल लाइफ को लेकर हमेशा चर्चा में बने रहते हैं। तो चलिए जानते हैं पायलट किन कारणों से लोगों में सुर्ख़ियों में रहते हैं।

सचिन पायलट की अधूरी लव स्टोरी

बता दें कि सचिन पायलट अक्सर अपनी निजी लाइफ को लेकर चर्चा में रहते हैं। कांग्रेस नेता की शादी जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला की बेटी सारा अब्दुल्ला से हुई थी। पायलट और सारा की पहली मुलाकात लंदन में हुई थी। पढ़ाई के दौरान दोनों की दोस्ती गहरी होती चली गई और यह प्यार में बदल गई। वे दोनों मैसेज और कॉल के जरिए लंबे समय तक एक-दूसरे से बात करते थे। सचिन हिंदू परिवार से आते थे तो सारा मुस्लिम परिवार से, इस वजह से दोनों परिवारों ने इस रिश्ते को कभी शादी के लिए नहीं माना। इसका विरोध किया। लेकिन इसके बावजूद ये दोनों प्रेमी अपने फैसले पर डंटे रहे। जनवरी 2004 में उन्होंने एक बेहद सिंपल वेडिंग की, इस शादी में सारा के परिवार से कोई भी शामिल नहीं हुआ था। हालांकि, कुछ साल बाद अब्दुल्ला परिवार ने इस शादी को स्वीकार कर लिया था। पायलट के दो बेटे (आर्यन और विहान) हैं।

पायलट-सारा की तलाक की खबर से हैरानी?

Sachin Pilot Divorce (CREDIT-SM)

हालांकि, पायलट की जिंदगी में एक मुश्किल घड़ी तब आई जब उनके और सारा के बीच तलाक की खबर सामने आई। 2023 के राजस्थान विधानसभा चुनावों के दौरान जब पायलट ने अपना हलफनामा दाखिल किया, तो उन्होंने अपनी पत्नी का स्टेटस ‘तलाकशुदा’ बताया। इसके बाद राजनीतिक गलियारों के काफी सरगर्मी बढ़ गई और उनके समर्थकों और प्रशंसकों में एक साफ उदासी देखी गई। उनके इस खुलासे ने सभी को हिला कर रख दिया और इस तरह राजनीतिक महकमे की यह फिल्मी प्रेम कहानी आखिरकार अधूरी ही रह गई।

पायलट की राजनीतिक सफर

सचिन पायलट को विरासत में राजनीति मिली है। उन्होंने अपने पिता जी से राजनीति सीखी और पहली बार 26 साल की उम्र में वो राजस्थान के दौसा से सांसद बने। ऐसे में वो सबसे कम उम्र के सांसद चुने गए। इसके बाद वो केंद्रीय मंत्री, राजस्थान कांग्रेस चीफ और वहां के डिप्टी सीएम का पद भी संभाले। उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद पेनसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के वार्टन स्कूल से MBA की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने कॉर्पोरेट की नौकरी की, लेकिन बीच में ही नौकरी छोड़कर वो राजनीति में कदम रखे। 2009 में वे अजमेर से लोकसभा सांसद चुने गए। 2012 में वे मनमोहन सिंह सरकार में कॉर्पोरेट मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाले। 2014 में उन्हें राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष चुना गया और 2018 में कांग्रेस की जीत के बाद वे राजस्थान के उप-मुख्यमंत्री बने।

सचिन पायलट की व्यक्तिगत जानकारी

बता दें कि सचिन पायलट कांग्रेस के एक प्रमुख भारतीय राजनेता में से एक हैं। उनका जन्म 7 सितंबर 1977 को सहारनपुर, यूपी में हुआ था। उनकी आयु लगभग 48 वर्ष है। पायलट का पूरा नाम सचिन राजेश पायलट है। उनके पिता का नाम दिवंगत राजेश पायलट था, वो कांग्रेस के एक नेता और केंद्रीय मंत्री भी रह चुके थे। पायलट की मां का नाम रमा पायलट है। मालूम हो कि साल 2004, में मात्र 26 साल की उम्र में दौसा से लोकसभा सांसद बने थे।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।