IIT दिल्ली और सिस्को मिलकर स्थापित करेंगे AI एवं साइबर सुरक्षा प्रौद्योगिकी हब

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IIT Delhi : देश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान, कौशल विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली और सिस्को ने संयुक्त रूप से ‘सिस्को टेक्नोलॉजी हब ऑन एआई एंड साइबर सिक्योरिटी’ की शुरुआत की है। दोनों संस्थानों ने इस संबंध में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह तीन वर्षीय साझेदारी भारत के डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र को अधिक सुरक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में कार्य करेगी। इस प्रौद्योगिकी हब का उद्देश्य एआई और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देना, भविष्य के…

IIT Delhi : देश में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान, कौशल विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली और सिस्को ने संयुक्त रूप से ‘सिस्को टेक्नोलॉजी हब ऑन एआई एंड साइबर सिक्योरिटी’ की शुरुआत की है। दोनों संस्थानों ने इस संबंध में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह तीन वर्षीय साझेदारी भारत के डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र को अधिक सुरक्षित और सशक्त बनाने की दिशा में कार्य करेगी।

इस प्रौद्योगिकी हब का उद्देश्य एआई और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देना, भविष्य के लिए सक्षम मानव संसाधन तैयार करना तथा उद्योग, शिक्षण संस्थानों और सरकार के बीच सहयोग को मजबूत करना है। इसके माध्यम से छात्रों, शोधार्थियों और उद्योग जगत से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण, अनुसंधान परियोजनाओं और ज्ञान के आदान-प्रदान के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही, सरकारी नीति-निर्माताओं के साथ मिलकर डिजिटल ढांचे, सुरक्षा मानकों और रणनीतिक दिशानिर्देशों के विकास पर भी कार्य किया जाएगा।

आईआईटी दिल्ली के कॉरपोरेट रिलेशंस के डीन प्रो. जयंत जैन ने कहा कि यह साझेदारी संस्थान की उद्योग के साथ ज्ञान-साझाकरण और संयुक्त नवाचार की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाती है। उनके अनुसार, इस पहल के माध्यम से भविष्य के लिए तैयार प्रतिभाओं का विकास होगा और भारत के डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी। वहीं, अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) के डीन प्रो. अश्विनी के. अग्रवाल ने कहा कि यह सहयोग एआई और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में आईआईटी दिल्ली के अनुसंधान को नई गति देगा और भारत के डिजिटल भविष्य को सुदृढ़ बनाएगा।

सिस्को इंडिया एवं दक्षिण एशिया की अध्यक्ष डेजी चिट्टिलापिल्ली ने कहा कि भारत में नवाचार को गति देने के लिए शिक्षा जगत, उद्योग और सरकार के बीच मजबूत सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आईआईटी दिल्ली के साथ यह साझेदारी अत्याधुनिक एआई अनुसंधान, वास्तविक चुनौतियों के समाधान और अगली पीढ़ी की डिजिटल प्रतिभाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस हब के तहत एआई और साइबर सुरक्षा से जुड़े बुनियादी तथा अनुप्रयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा। पीएचडी और एमटेक विद्यार्थियों के लिए अनुदान एवं फेलोशिप, उत्कृष्टता पीठ (चेयर ऑफ एक्सीलेंस), सिस्को की वैश्विक अनुसंधान टीमों के साथ संयुक्त परियोजनाएं तथा सरकारी नीतियों और नियामकीय ढांचे पर श्वेत पत्र तैयार करने जैसी पहलें भी की जाएंगी।

इसके अलावा, सिस्को नेटवर्किंग अकादमी के सहयोग से उद्योग और सरकारी अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम, सतत शिक्षा पाठ्यक्रम तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के लिए साइबर सुरक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों पर अल्पकालिक प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे। उद्योग, शिक्षा जगत और सरकार के बीच संवाद को बढ़ावा देने के लिए सुरक्षा कार्यशालाएं, शोध मंच और वार्षिक सिक्योरिटी एंड ट्रस्ट समिट का भी आयोजन किया जाएगा।

यह प्रौद्योगिकी हब सिस्को के कंट्री डिजिटल एक्सेलेरेशन कार्यक्रम के अंतर्गत स्थापित किया गया है। कंपनी के अनुसार, यह कार्यक्रम अब तक 56 देशों में 1,700 से अधिक परियोजनाओं के माध्यम से डिजिटल अवसंरचना, साइबर सुरक्षा और डिजिटल कौशल विकास को बढ़ावा दे चुका है।

Sumant Chaudhary