हिंदू धर्म के 18 पुराण (Hindu Puran List)
1. ब्रह्म पुराण

ब्रह्म पुराण सबसे पुराने पुराणों में से एक है, जिसमें श्लोकों की संख्या लगभग 10,000 है। इसमें मुख्य रूप से ये बताया गया है कि यह दुनिया कैसे बनी। इसके अलावा इसमें राजाओं के वंश, देवी-देवताओं, इंसानों, धरती, स्वर्ग-नरक और पवित्र तीर्थ स्थलों के बारे में लिखा है।
2. पद्म पुराण
लगभग 55,000 श्लोकों वाले पद्म पुराण में बताया गया है कि ब्रह्मा जी ने इस दुनिया को कैसे बनाया। इसके साथ ही यह पुराण जीवन से जुड़ी और भी कई जरूरी जानकारियों व ज्ञान से पूरी तरह भरा हुआ है।
3. विष्णु पुराण
18 पुराणों में शामिल इस पुराण में लगभग 23,000 श्लोक हैं। इसे महर्षि पराशर ने लिखा था और यह बाकी पुराणों से छोटा है। इसमें भगवान विष्णु के अवतारों, श्री कृष्ण के जीवन और राम जी की कहानी के बारे में बताया गया है।
4. शिव पुराण
शिव पुराण में लगभग 24,000 श्लोक हैं और इसमें भगवान शिव की महिमा व उनके अलग-अलग रूपों की कहानियां हैं। इसमें उनके अवतारों और प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंगों के बारे में बहुत डिटेल से समझाया गया है।
5. भागवत पुराण (श्रीमद्भागवत)
कुल 18,000 श्लोकों वाले इस बेहद लोकप्रिय पुराण में भगवान विष्णु के सभी अवतारों की पूरी कहानी दी गई है। इसके साथ ही इसमें इस बात पर बड़ा जोर दिया गया है कि भगवान की सच्ची भक्ति कैसे की जाए।
6. नारद पुराण

इस पुराण में लगभग 25,000 श्लोक हैं और इसे ‘महापुराण’ भी कहते हैं क्योंकि इसमें सभी 18 पुराणों का सार शामिल हैं। इसमें पढ़ाई-लिखाई, व्याकरण, ज्योतिष और कल्प जैसी जरूरी चीजों के बारे में बताया गया है।
7. मार्कण्डेय पुराण
लगभग 9,000 श्लोकों वाले इस पुराण को सबसे पुराने पुराणों में गिना जाता है। इसमें वेदों के प्रमुख देवताओं जैसे इंद्र, अग्नि और सूर्य देव के बारे में लिखा है। साथ ही, इसमें भगवान श्री कृष्ण की कहानियां भी शामिल हैं और इसी का हिस्सा प्रसिद्ध ‘दुर्गा सप्तशती’ भी है।
8. अग्नि पुराण
इस पुराण में श्लोकों की संख्या लगभग 15,400 है और इसकी खास बात यह है कि इसे खुद अग्नि देव ने महर्षि वशिष्ठ को सुनाया था। इसमें विष्णु जी के अवतारों के साथ-साथ भूगोल, गणित, ज्योतिष, शादी, मृत्यु, शकुन-अपशकुन, वास्तु, राजनीति, युद्ध, कविता, व्याकरण और आयुर्वेद जैसी ढेर सारी जानकारियां दी गई हैं।
9. भविष्य पुराण
जैसा कि इसके नाम से पता चलता है, लगभग 14,500 श्लोकों वाले इस पुराण में आने वाले समय की कई बातें पहले ही बता दी गई हैं। इसमें साल के 12 महीनों के बनने की कहानी है और मशहूर ‘विक्रम-बेताल’ की कहानियां भी इसी पुराण का हिस्सा हैं।
10. ब्रह्मवैवर्त पुराण
इसे वेदों के रास्ते पर चलने वाला दसवां पुराण माना जाता है, जिसमें लगभग 18,000 श्लोक हैं। इसमें आयुर्वेद की जानकारी दी गई है। साथ ही भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं और राधा रानी की गोलोक (दिव्य लोक) की कहानियों का बहुत सुंदर वर्णन है।
11. लिंग पुराण
इस पुराण में लगभग 11,000 श्लोक हैं और इसमें मुख्य रूप से भगवान शिव के प्रतीक ‘लिंग’ के महत्व को समझाया गया है। इसमें शिव जी के 28 अवतारों की पूरी जानकारी के साथ-साथ अंधकासुर और जालंधर जैसे राक्षसों के वध की कहानियां भी दी गई हैं।
12. वराह पुराण
लगभग 24,000 श्लोकों का यह ग्रंथ भगवान विष्णु के ‘वराह’ (सूअर) अवतार पर आधारित है। इसमें बताया गया है कि जब दुनिया जलप्रलय में डूब गई थी, तब भगवान ने वराह रूप लेकर धरती को कैसे बचाया और दोबारा पूरी सृष्टि का निर्माण किया।
13. स्कंद पुराण
यह सभी 18 पुराणों में सबसे बड़ा पुराण है, जिसमें श्लोकों की संख्या लगभग 81,100 है। यह भगवान शिव के बड़े बेटे कार्तिकेय (स्कंद) पर आधारित है। इसमें शिव जी की महिमा, माता सती का जीवन, शिव-पार्वती की शादी, कार्तिकेय का जन्म और तारकासुर नाम के राक्षस के वध की कहानियां हैं।
14. वामन पुराण
यह पुराण मुख्य रूप से भगवान विष्णु के ‘वामन’ अवतार की कहानी पर आधारित है और इसमें लगभग 10,000 श्लोक हैं। इसके साथ ही इस पुराण में शिवलिंग की पूजा, गणेश जी, कार्तिकेय और शिव-पार्वती की कथाओं का भी जिक्र मिलता है।
15. कूर्म पुराण
लगभग 17,000 श्लोकों वाले इस पुराण में चारों वेदों का पूरा निचोड़ मिलता है। जब समुद्र मंथन के समय मंदराचल पर्वत डूबने लगा था, तब विष्णु जी ने ‘कूर्म’ (कछुए) का रूप लेकर उसे अपनी पीठ पर संभाला था। इसमें भगवान द्वारा कूर्मावतार में दिए गए उपदेश हैं और साथ ही इंसानी जीवन के चार आश्रमों के नियम बताए गए हैं।
16. मत्स्य पुराण

यह पुराण भगवान विष्णु के ‘मत्स्य’अवतार से जुड़ा है, जिसमें लगभग 14,000 श्लोक हैं। इसमें भारी बाढ़ की कथा से लेकर कलियुग के राजाओं की लिस्ट तक दी गई है। इसमें बताया गया है कि इस पुराण को सुनने से इंसान की उम्र और मान-सम्मान बढ़ता है तथा सारे पाप दूर हो जाते हैं।
17. गरुड़ पुराण
इस पुराण में श्लोकों की संख्या लगभग 19,000 है। इसका संबंध मृत्यु और उसके बाद की घटनाओं से है। इसमें इंसान के जन्म, मृत्यु, पुनर्जन्म, पाप-पुण्य, हमारे कर्मों के फल और आत्मा के सफर जैसी गंभीर बातें बहुत आसान तरीके से समझाई गई हैं।
18. ब्रह्मांड पुराण
18 पुराणों की लिस्ट के इस आखिरी पुराण में लगभग 12,000 श्लोक हैं। इसमें इस बात का वर्णन किया गया है कि यह पूरा ब्रह्मांड और सृष्टि कैसे बनी। साथ ही यह भी बताया गया है कि इस दुनिया को बनाने की पूरी प्रक्रिया में अलग-अलग देवी-देवताओं का क्या योगदान रहा।


Download Android App
Download iOS App




