ये 6 रहस्यमयी संकेत हैं यमराज के आने की आहट! गरुड़ पुराण की ये बातें कर देंगी हैरान

Summary :

Signs of Death in Garuda Purana: सनातन धर्म में गरुड़ पुराण का बहुत महत्व है। इसमें न केवल हमारे वर्तमान जीवन बल्कि मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा, मनुष्य के अच्छे-बुरे कर्मों और उनके मिलने वाले परिणामों के बारे में बहुत गहराई से समझाया गया है। माना जाता है कि इंसान जो भी कर्म करता है, उसका फल उसे इसी जन्म में नहीं बल्कि शरीर त्यागने के बाद भी भुगतना पड़ता है, इसीलिए किसी की मृत्यु के बाद घर में इसका पाठ किया जाता है ताकि दिवंगत आत्मा को शांति मिले। इस पवित्र ग्रंथ में यह भी बताई गई है कि मृत्यु कभी भी बिना बताए अचानक…

Signs of Death in Garuda Purana: सनातन धर्म में गरुड़ पुराण का बहुत महत्व है। इसमें न केवल हमारे वर्तमान जीवन बल्कि मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा, मनुष्य के अच्छे-बुरे कर्मों और उनके मिलने वाले परिणामों के बारे में बहुत गहराई से समझाया गया है। माना जाता है कि इंसान जो भी कर्म करता है, उसका फल उसे इसी जन्म में नहीं बल्कि शरीर त्यागने के बाद भी भुगतना पड़ता है, इसीलिए किसी की मृत्यु के बाद घर में इसका पाठ किया जाता है ताकि दिवंगत आत्मा को शांति मिले। इस पवित्र ग्रंथ में यह भी बताई गई है कि मृत्यु कभी भी बिना बताए अचानक नहीं आती, बल्कि शरीर छोड़ने से पहले व्यक्ति को कई तरह के खास संकेत मिलने लगते हैं, जिन्हें अक्सर लोग साधारण समझकर अनदेखा कर देते हैं। आइए जानें वो 6 संकेत कौन से हैं।

Signs of Death in Garuda Purana: अंतिम समय में दिखते हैं ये 6 संकेत

1. सपनों के जरिए मिलने वाले संकेत

Signs of Death in Garuda Purana
Signs of Death in Garuda Purana (Source: Social Media)

गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के करीब पहुंचने पर इंसान को बहुत ही अजीबोगरीब सपने दिखाई देने लगते हैं, जिनमें अक्सर उसे बुझता हुआ दीया या चारों तरफ घना अंधेरा नजर आता है। इन प्रतीकात्मक सपनों को जीवन की ज्योति के धीरे-धीरे कम होने का एक बड़ा संकेत माना जाता है, जो यह दर्शाता है कि अब इस शरीर का समय समाप्त होने वाला है।

2. सांस लेने की प्रक्रिया में बदलाव

जब किसी व्यक्ति का अंतिम समय बिल्कुल नजदीक आ जाता है, तो उसके शरीर में प्राण वायु की गति पूरी तरह बदलने लगती है, जिसके कारण कभी सांसें बहुत तेज चलने लगती हैं तो कभी इतनी धीमी हो जाती हैं कि उन्हें महसूस करना मुश्किल हो जाता है। इसके साथ ही व्यक्ति का मन धीरे-धीरे सांसारिक मोह-माया और अपने आसपास की चीजों से कटने लगता है और वह किसी अनजान दुनिया या गहरे विचारों में खोया हुआ सा रहने लगता है।

3. हथेली की रेखाओं का धुंधला पड़ना

Signs of Death in Garuda Purana (1)
Signs of Death in Garuda Purana (Source: Social Media)

एक और संकेत यह बताया गया है कि जब व्यक्ति का अंत निकट आता है, तो उसकी हथेली की रेखाएं धीरे-धीरे हल्की पड़ने लग जाती हैं जिन्हें पहचानना कठिन हो जाता है। शास्त्रों में इसे जीवन की आंतरिक ऊर्जा और शक्ति के खत्म होने का प्रतीक माना गया है, क्योंकि शरीर के प्राण धीरे-धीरे केंद्र छोड़ने लगते हैं।

4. अपनी परछाई का दिखाई न देना

प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, जब मौत करीब हो, तो व्यक्ति को तेल, घी या साफ पानी जैसी चमकने वाली चीजों में अपना प्रतिबिंब या अपनी परछाई ठीक से दिखाई नहीं देती है। इसे एक आध्यात्मिक संकेत माना जाता है कि शरीर और उसकी छाया का साथ अब छूटने वाला है और आत्मा इस भौतिक शरीर से अलग होने की तैयारी कर रही है।

5. पूर्वजों या अदृश्य शक्तियों का आभास

जीवन के अंतिम क्षणों में कई बार व्यक्ति को अपने आसपास उन पूर्वजों या परिवार के लोगों की मौजूदगी महसूस होने लगती है जो पहले ही इस दुनिया से जा चुके हैं। इसे अक्सर आत्मा के अगले सफर की तैयारी के रूप में देखा जाता है, जहां उसे ऐसा लगता है कि कोई अदृश्य शक्ति उसे लेने आई है।

6. अपनी नाक का दिखाई न देना

जब हम अपनी आंखों से नीचे देखते हैं, तो हमें अपनी नाक की हल्की सी झलक हमेशा दिखाई देती है, लेकिन कहा जाता है कि मृत्यु के समय यह दिखना बंद हो जाती है। शरीर की इंद्रियों और दृष्टि में आने वाले इस अजीब बदलाव को भी गरुड़ पुराण में जीवन के अंत का एक प्रमुख लक्षण माना गया है।

इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथियों, कहानियों या मान्यताओं पर आधारित है। पंजाब केसरी इसकी सत्यता या वैज्ञानिक पुष्टि नहीं करता है।

Khushi Srivastava

खुशी श्रीवास्तव मीडिया इंडस्ट्री में करीब 3 साल का अनुभव रखती हैं। वायरल कंटेंट, लाइफस्टाइल, हेल्थ और वास्तु शास्त्र टिप्स पर प्रमुखता से काम किया है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद पहली बार पत्रकारिता के श्रेत्र में कदम रखा। इसके बाद अमर उजाला प्रिंट (प्रयागराज) में इंटर्नशिप की। फिलहाल खुशी, पंजाब केसरी दिल्ली के डिजिटल प्लैटफॉर्म के लिए कंटेंट राइटिंग का काम करती हैं।