Signs of Death in Garuda Purana: अंतिम समय में दिखते हैं ये 6 संकेत
1. सपनों के जरिए मिलने वाले संकेत

गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के करीब पहुंचने पर इंसान को बहुत ही अजीबोगरीब सपने दिखाई देने लगते हैं, जिनमें अक्सर उसे बुझता हुआ दीया या चारों तरफ घना अंधेरा नजर आता है। इन प्रतीकात्मक सपनों को जीवन की ज्योति के धीरे-धीरे कम होने का एक बड़ा संकेत माना जाता है, जो यह दर्शाता है कि अब इस शरीर का समय समाप्त होने वाला है।
2. सांस लेने की प्रक्रिया में बदलाव
जब किसी व्यक्ति का अंतिम समय बिल्कुल नजदीक आ जाता है, तो उसके शरीर में प्राण वायु की गति पूरी तरह बदलने लगती है, जिसके कारण कभी सांसें बहुत तेज चलने लगती हैं तो कभी इतनी धीमी हो जाती हैं कि उन्हें महसूस करना मुश्किल हो जाता है। इसके साथ ही व्यक्ति का मन धीरे-धीरे सांसारिक मोह-माया और अपने आसपास की चीजों से कटने लगता है और वह किसी अनजान दुनिया या गहरे विचारों में खोया हुआ सा रहने लगता है।
3. हथेली की रेखाओं का धुंधला पड़ना

एक और संकेत यह बताया गया है कि जब व्यक्ति का अंत निकट आता है, तो उसकी हथेली की रेखाएं धीरे-धीरे हल्की पड़ने लग जाती हैं जिन्हें पहचानना कठिन हो जाता है। शास्त्रों में इसे जीवन की आंतरिक ऊर्जा और शक्ति के खत्म होने का प्रतीक माना गया है, क्योंकि शरीर के प्राण धीरे-धीरे केंद्र छोड़ने लगते हैं।
4. अपनी परछाई का दिखाई न देना
5. पूर्वजों या अदृश्य शक्तियों का आभास
जीवन के अंतिम क्षणों में कई बार व्यक्ति को अपने आसपास उन पूर्वजों या परिवार के लोगों की मौजूदगी महसूस होने लगती है जो पहले ही इस दुनिया से जा चुके हैं। इसे अक्सर आत्मा के अगले सफर की तैयारी के रूप में देखा जाता है, जहां उसे ऐसा लगता है कि कोई अदृश्य शक्ति उसे लेने आई है।
6. अपनी नाक का दिखाई न देना
जब हम अपनी आंखों से नीचे देखते हैं, तो हमें अपनी नाक की हल्की सी झलक हमेशा दिखाई देती है, लेकिन कहा जाता है कि मृत्यु के समय यह दिखना बंद हो जाती है। शरीर की इंद्रियों और दृष्टि में आने वाले इस अजीब बदलाव को भी गरुड़ पुराण में जीवन के अंत का एक प्रमुख लक्षण माना गया है।


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