उनके मन में यह सवाल आता है कि क्या शास्त्रों में उनके लिए कोई खास नियम है या उन्हें व्रत रखने से मना किया गया है। कई बार पुरानी कहानियों को सुनकर कई लोग डर जाते हैं, लेकिन धर्म और अध्यात्म की सोच काफी गहरी है। चलिए जानते हैं कि शास्त्रों के अनुसार मांसाहार करने वाले लोगों के लिए व्रत के क्या नियम हैं।
Navratri Fasting Rules for Non Vegetarians: शास्त्रों की क्या है राय?

श्रीमद्भगवद्गीता के मुताबिक, भोजन तीन तरह का होता है: सात्विक, राजसिक और तामसिक। मांस को तामसिक भोजन माना जाता है, जिससे गुस्सा और अज्ञानता बढ़ती है। वहीं, व्रत का मकसद मन को शांत और शुद्ध रखना होता है। शास्त्रों का कहना है कि पूजा-पाठ के दौरान शरीर और मन दोनों का साफ होना जरूरी है। किसी भी जीव को मारना गलत है, खासतौर पर नवरात्रि के समय में।
अगर आप साल भर नॉनवेज खाते हैं, तो इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि आप व्रत नहीं रख सकते। बस शर्त यह है कि नवरात्रि शुरू होने के एक दिन पहले से और पूरे नौ दिनों तक आपको मांस, मछली, प्याज और लहसुन जैसी तामसिक चीजों को पूरी तरह छोड़ना होगा।


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