नई दिल्ली : लिएंडर पेस ने पाकिस्तान के खिलाफ नबंवर के आखिर में खेले जाने वाले डेविस कप मुकाबले के लिए खुद को उपलब्ध बताया है जिससे गैर खिलाड़ी कप्तान महेश भूपति और कुछ अन्य बड़े खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में इस दिग्गज टेनिस खिलाड़ी का चयन लगभग तय है। भूपति और दूसरे खिलाड़ियों सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण पाकिस्तान जाने से मना कर दिया जिससे पेस अप्रैल 2018 के बाद पहली बार भारतीय डेविस कप टीम से जुड़ सकते हैं। अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) ने हाल ही में खिलाड़ियों के वीजा प्रक्रिया को शुरू किया है।
एआईटीए हालांकि अब भी इस मुकाबले को तटस्थ स्थल पर कराने की मांग कर रहा है। राष्ट्रीय महासंघ 29 और 30 नवंबर को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में खेले जाने वाले मुकाबले को तटस्थ स्थल पर कराने के लिए अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ के रूख का इंतजार कर रहा है। इसके साथ ही उसने खिलाड़ियों और सहयोगी सदस्यों के लिए वीजा हासिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी हैं । एआईटीए के महासचिव हिरणमय चटर्जी ने पीटीआई को बताया कि पेस ने इस्लामाबाद में होने वाले मुकाबले के लिए अपनी उपलब्धता की पुष्टि की है।
चटर्जी से जब पूछा गया कि क्या पेस को गैर खिलाड़ी कप्तान बनाया जा सकता है तो उन्होंने कहा कि इस पर कुछ भी कहना अभी जल्दबाजी होगी लेकिन यह तय है कि वह गैर खिलाड़ी कप्तान के तौर पर नहीं जाऐंगे। उन्होंने संन्यास नहीं लिया है। वह अब भी खेल रहे हैं इसलिए हम उन्हें गैर खिलाड़ी कप्तान के तौर पर नहीं भेज सकते। हमें पहले टीम का चयन करना होगा फिर समिति कप्तान के नाम पर चर्चा करेगी। पेस ने अप्रैल 2018 में चीन के खिलाफ मुकाबले में युगल खिलाड़ी के तौर पर डेविस कप में सबसे ज्यादा जीत दर्ज करने का इतिहास रचा था।


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