Delhi में 8 मार्च को लगेगी Lok Adalat, जानिए कैसे माफ होंगे ट्रैफिक चालान

Summary :

Lok Adalat में चालान माफ करवाने से पहले रिजिस्ट्रेशन जरूरी

सड़कों में यातायात नियमों का पालन ना करने पर वाहन चालकों का चालान कट जाता है। आज के समय में ऑनलाइन ही चालान कट जाता है और स्मार्टफोन में मैसेज के जरिए वाहन चालक को जानकारी प्राप्त हो जाती है। इन सभी चालानों को माफ करने के लिए या कम करने के लिए वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वर्ष 2025 में पहली लोक अदालत 8 मार्च को लगेगी। लोक अदालत में गाड़ियों के चालान माफ करने के लिए पंजीकरण किया जाता है और सुनवाई के दौरान चालान को माफ या कम कर दिया जाता है।

लोक अदालत में कैसै माफ होते है चालान

8 मार्च को लोक अदालत दिल्ली में लगेगी। इस अदालत में अगर किसी वाहन चालक का यातायात नियम उल्लघंन के तहत चालान कटता है जैसे सीट बेल्ट का ना पहनना, दोपहिया वाहन चलाते समय हेल्मेट ना पहनना, रेड लाइट का जंप करना या गाड़ी के संपूर्ण द्स्तावेज ना होने के कारण वाहन का चालान काटा जाता है। जिसमें कई चालानों की राशी बहुत ज्यादा भी होती है। इन चालानों को माफ करवाने के लिए लोक अदालत में सुनवाई होती है और सुनवाई के दौरान चालान की राशी कम हो जाती है या चालान माफ कर दिये जाते है।

टोकन नंबर लेना जरूरी

लोक अदालत में चालान माफ करवाने से पहले रिजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है फिर अपॉइंटमेंट लेटर, टोकन नंबर जरूर और जरूरी दस्तावेज के साथ लोकअदालत जाना होता है। जरूरी दस्तावेज में गाड़ी की RC , ड्राइविंग लाईसेंस, चालान की कॉपी और गाड़ी का INSURANCE अपने साथ ले जाना जरूरी है। बता दें कि लोकअदालत में उन वाहनों के चालान माफ या सुनवाई नहीं की जाती जिन वाहनों में पहले से ही कोई Accident criminal केस लगा होता है।

Himanshu Negi

हिमांशू नेगी को देश-विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने GGSIPU से संबद्ध LLDIMS कॉलेज से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन (BJMC) की पढ़ाई की है। इसके बाद HNBGU Central University से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MAJMC) पूरा किया और पत्रकारिता की शुरुआत की। दैनिक जागरण और IJCP Pvt Ltd. में इंटर्नशिप करने के बाद उन्होंने सुदर्शन टीवी चैनल में 9 PM शो के लिए प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।