नई दिल्ली, 26 जनवरी (आईएएनएस)। स्वामित्व योजना के तहत अब तक 1.84 करोड़ से अधिक गांवों में लगभग तीन करोड़ प्रॉपर्टी कार्ड्स जारी किए जा चुके हैं, जिससे भूमि विवाद कम हुए हैं और सुनियोजित ग्रामीण विकास को सपोर्ट मिला है। यह जानकारी पंचायती राज मंत्रालय की ओर से सोमवार को दी गई।
मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में कर्तव्य पथ पर 77वें गणतंत्र दिवस की परेड में 30 झांकियों में, पंचायती राज मंत्रालय की “स्वामित्व” योजना: आत्मनिर्भर पंचायत से समृद्ध एवं आत्मनिर्भर भारत” विषय पर आधारित झांकी भी शामिल थी। झांकी में इस बात पर बल दिया गया कि कैसे ग्रामीण आवासीय संपत्तियों का कानूनी स्वामित्व नागरिकों को सशक्त बनाता है और पंचायतों को मजबूत करता है।
इस परेड में पंचायती राज संस्थानों और ग्रामीण स्थानीय निकायों के लगभग 450 निर्वाचित प्रतिनिधियों ने विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया।
यह भारत सरकार द्वारा जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने और लोगों की भागीदारी पर दिए जा रहे बल को दर्शाता है।
मंत्रालय ने बताया, स्वामित्व योजना ने अब तक 1 लाख 84 हजार से अधिक गांवों में लगभग तीन करोड़ प्रॉपर्टी कार्ड जारी करने में सहायता की है। इससे भूमि विवाद कम हुए हैं और नियोजित ग्रामीण विकास को समर्थन मिला है।
मंत्रालय ने नागरिकों को सूचित नागरिक भागीदारी के तहत गणतंत्र दिवस की झांकियों के लिए मायगाव पब्लिक पोल में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।
पंचायती राज मंत्रालय के अनुसार, सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप, इन पहलों ने ग्रामीण विकास में पंचायतों की केंद्रीय भूमिका को सुदृढ़ किया है।
उदाहरण के लिए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी में स्वमित्व योजना के तहत संपत्ति कार्डों के वितरण की अध्यक्षता की, जिसके तहत एक ही दिन में 65 लाख ग्रामीण नागरिकों को कानूनी स्वामित्व दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। यह वितरण 10 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों के 50,000 से अधिक गांवों में किया गया, जिससे जनवरी में स्वमित्व योजना के तहत वितरित संपत्ति कार्डों की कुल संख्या 2.25 करोड़ हो गई।
–आईएएनएस
एबीएस/
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