बिजनौर में टीचर के डर से 150 बच्चों ने स्कूल जाना छोड़ा, स्टील के पाइप और डंडों से पीटने का आरोप

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150 Students Stop Going School in Bijnor : उत्तर प्रदेश के बिजनोर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शिक्षक के सख्त रवैये के चलते करीब 150 छात्रों ने स्कूल जाना बंद कर दिया है। बच्चों में टीचर का ऐसा डर बैठ गया है कि वे उनका नाम सुनते ही घबरा जाते हैं। डर की हालत यह है कि वे स्कूल नहीं जाना चाहते। बता दें इस मामले को लेकर जब बच्चों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि संबंधित शिक्षक सौरभ छोटी-छोटी गलतियों पर भी उन्हें मारते-पीटते हैं। कुछ बच्चों ने यह भी…

150 Students Stop Going School in Bijnor : उत्तर प्रदेश के बिजनोर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शिक्षक के सख्त रवैये के चलते करीब 150 छात्रों ने स्कूल जाना बंद कर दिया है। बच्चों में टीचर का ऐसा डर बैठ गया है कि वे उनका नाम सुनते ही घबरा जाते हैं। डर की हालत यह है कि वे स्कूल नहीं जाना चाहते।

बता दें इस मामले को लेकर जब बच्चों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि संबंधित शिक्षक सौरभ छोटी-छोटी गलतियों पर भी उन्हें मारते-पीटते हैं। कुछ बच्चों ने यह भी आरोप लगाया कि वह स्टील के पाइप और डंडों से उनकी पिटाई करते हैं। इस वजह से बच्चों के मन में गहरा भय पैदा हो गया है।

150 Students Stop Going School in Bijnor: ठोस कार्रवाई नहीं

150 Students Stop Going School in Bijnor
150 Students Stop Going School in Bijnor (Source: Social Media)

इस पूरे मामले में अभिभावकों का कहना है कि उन्होंने इस मामले की कई बार शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते बच्चों का डर कम होने के बजाय और बढ़ता गया।

स्थिति बिगड़ने पर ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से फैसला लिया कि जब तक स्कूल में माहौल ठीक नहीं होगा, वे अपने बच्चों को पढ़ने नहीं भेजेंगे। इसके बाद स्कूल में नामांकित लगभग 150 बच्चों में से एक भी छात्र स्कूल नहीं पहुंच रहा है।

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षक का व्यवहार न सिर्फ बच्चों बल्कि अभिभावकों के प्रति भी ठीक नहीं है। वे जब अपने बच्चों के मामलों को लेकर स्कूल में जाते हैं और टीचर से मिलते हैं तो टीचर उनसे भी बदतमीजी से बात करते हैं.

Bijnor News Today: शिक्षक हटाया गया, लेकिन विरोध जारी

बता दें यह मामला बढ़ने के बाद संबंधित शिक्षक को फिलहाल चार्ज से हटा दिया गया है और उनकी जगह शिक्षिका दीपा रानी को जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, अभिभावकों और ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उस शिक्षक को पूरी तरह स्कूल से हटाया नहीं जाएगा, बच्चे स्कूल नहीं लौटेंगे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कसाना मौके पर पहुंचे और जांच की। जांच के दौरान संबंधित शिक्षक अनुपस्थित पाया गया।

अधिकारी ने बताया कि ग्राम प्रधान और अभिभावकों की शिकायतों के आधार पर तीन खंड शिक्षा अधिकारियों की टीम गठित की गई है, जो पूरे मामले की जांच करेगी। साथ ही स्कूल स्टाफ को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं ताकि हालात जल्द सामान्य हो सकें।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।