26 january song Lyrics in Hindi: हर साल 26 जनवरी (26 january) को पूरा देश गणतंत्र दिवस (Republic Day) बड़े गर्व और उत्साह के साथ मनाता है। इस खास मौके पर स्कूलों के कार्यक्रमों से लेकर सोशल मीडिया तक देशभक्ति से भरे गीत हर जगह सुनाई देते हैं। ये गाने न सिर्फ हमें आज़ादी और संविधान के दिन की कीमत याद दिलाते हैं, बल्कि दिल में देश के लिए सम्मान और प्रेम भी जगाते हैं। आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही लोकप्रिय देशभक्ति गीतों के बारे में, जो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर उम्र के लोगों को देशप्रेम के सम्मान का गर्व महसूस कराते हैं।
26 january song Lyrics in Hindi 2026:कुछ शानदार देशभक्ति गीत
1. ऐ मेरे वतन के लोगों – लता मंगेशकर

शहीदों को समर्पित यह गीत सुनते ही आंखें नम हो जाती हैं।
ऐ मेरे वतन के लोगों
तुम ख़ूब लगा लो नारा
ये शुभ दिन है हम सब का
लहरा लो तिरंगा प्यारा
पर मत भूलो सीमा पर
वीरों ने है प्राण गंवाए
कुछ याद उन्हें भी कर लो
जो लौट के घर न आये
ऐ मेरे वतन के लोगों
ज़रा आंख में भर लो पानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो क़ुर्बानी
जब घायल हुआ हिमालय
ख़तरे में पड़ी आज़ादी
जब तक थी सांस लड़े वो
फिर अपनी लाश बिछा दी
संगीन पे धर कर माथा
सो गये अमर बलिदानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो क़ुर्बानी
जब देश में थी दीवाली
वो खेल रहे थे होली
जब हम बैठे थे घरों में
वो झेल रहे थे गोली
थे धन्य जवान वो आपने
थी धन्य वो उनकी जवानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो क़ुर्बानी
कोई सिख कोई जाट मराठा
कोई गुरखा कोई मदरासी
सरहद पर मरनेवाला
हर वीर था भारतवासी
जो खून गिरा पवर्अत पर
वो खून था हिंदुस्तानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो क़ुर्बानी
थी खून से लथ पथ काया
फिर बंदूक उठाके
दस दस को एक ने मारा
फिर गिर गये होश गंवा के
जब अन्त -समय आया तो
कह गये के अब मरते हैं
खुश रहना देश के प्यारों
अब हम तो सफ़र करते हैं
क्या लोग थे वो दीवाने
क्या लोग थे वो अभिमानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो क़ुर्बानी
तुम भूल न जाओ उनको
इस लिये कही ये कहानी
जो शहीद हुए हैं उनकी
ज़रा याद करो क़ुर्बानी
जय हिंद…
2. वंदे मातरम् – ए.आर. रहमान

देश के प्रति गर्व और सम्मान से भर देने वाला आधुनिक देशभक्ति गीत।
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
यहाँ वहाँ सारा जहां देख लिया है
कहीं भी तेरे जैसा कोई नहीं है
80 नहीं 100 दिन दुनिया घूमा है
नहीं कहीं तेरे जैसा कोई नहीं
मैं गया जहाँ भी
बस तेरी याद थी
जो मेरे साथ थी
मुझको तड़पाती रुलाती
सबसे प्यारी तेरी सूरत
प्यार है, बस तेरा प्यार ही
माँ तुझे सलाम
माँ तुझे सलाम
अम्मा तुझे सलाम
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
जहाँ देखूँ वहाँ मैं, तेरा हूँ दीवाना मैं
झूमूँ, नाचूँ, गाऊँ तेरे प्यार का तराना मैं
चंदा नहीं, सूरज नहीं, दुनिया की दौलत नहीं
बस लूटूँगा तेरे प्यार का खज़ाना
इक नज़र जब तेरी
होती है प्यार की
दुनिया तब तो मेरी
चमके दमके महके रे
तेरा चेहरा सूरज जैसा
चाँद सी ठंड है प्यार में
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
तेरे पास ही मैं आ रहा हूँ
अपनी बाँहें खोल दे
ज़ोर से मुझको गले लगा ले
मुझको फिर वो प्यार दे
तू ही जिंदगी है
तू ही मेरी मोहब्बत है
तेरे ही पैरों में जन्नत है
तू ही दिल, तू जान, अम्मा
माँ तुझे सलाम
माँ तुझे सलाम
अम्मा तुझे सलाम
माँ तुझे सलाम
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
वंदे मातरम्
3. दिल दिया है जान भी देंगे – कर्मा मूवी सॉन्ग ( सिंगर लता मंगेशकर )

जोश और जुनून से भरा यह गाना हर समारोह की शान होता है।
दिल दिया है जान भी देंगे
मेरा कर्मा तू, मेरा धर्मा तू
तेरा सब कुछ मैं, मेरा सब कुछ तू
हर करम अपना करेंगे
ऐ वतन तेरे लिए
दिल दिया है
जां भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए
हर करम अपना करेंगे, तू मेरा कर्मा, तू मेरा धर्मा
तू मेरा अभिमान है
ऐ वतन महबूब मेरे तुझपे दिल क़ुर्बान है
हम जिऐंगे और मरेंगे
ऐ वतन तेरे लिए
दिल दिया है
जां भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए
हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई,
हमवतन, हमनाम हैं
जो करे इनको जुदा मज़हब नहीं इल्ज़ाम है
हम जिएंगे और मरेंगे ऐ वतन तेरे लिए
दिल दिया है
जां भी देंगे ऐ वतन तेरे
तेरी गलियों में चलाकर नफ़रतों की गोलियां
लूटते हैं कुछ लुटेरे दुल्हनों की डोलियां
लुट रहे हैं आप वो अपने घरों को लूट कर
खेलते हैं बेखबर अपने लहू से होलियां
हम जिएंगे और मरेंगे ऐ वतन तेरे लिए
दिल दिया है
जां भी देंगे ऐ वतन तेरे
4. सन्देसे आते हैं – बॉर्डर फिल्म से

सरहद पर तैनात जवानों की भावनाओं को दर्शाता बेहद भावुक गीत।
संदेसे आते हैं, हमें तड़पाते हैं,
जो चिट्ठी आती है, वो पूछे जाती है,
के घर कब आओगे, लिखो कब आओगे,
के तुम बिन ये घर सूना सूना है,
किसी दिलवाली ने, किसी मतवाली ने,
हमें खत लिखा है, ये हमसे पूछा है,
किसी की सांसों ने, किसी की धड़कन ने,
किसी की चूड़ी ने, किसी के कंगन ने,
किसी के कजरे ने, किसी के गजरे ने,
महकती सुबहों ने, मचलती शामों ने,
अकेली रातों में, अधूरी बातों ने,
तरसती बाहों ने और पूछा है तरसी निगाहों ने,
के घर कब आओगे, लिखो कब आओगे,
के तुम बिन ये दिल सूना सूना है,
संदेसे आते हैं…
मोहब्बतवालों ने, हमारे यारों ने,
हमें ये लिखा है, कि हमसे पूछा है,
हमारे गाँवों ने, आम की छांवों ने,
पुराने पीपल ने, बरसते बादल ने,
खेत खलियानों ने, हरे मैदानों ने,
बसंती बेलों ने, झूमती बेलों ने,
लचकते झूलों ने, दहकते फूलों ने,
चटकती कलियों ने, और पूछा है गाँव की गलियों ने,
के घर कब आओगे, लिखो कब आओगे,
के तुम बिन गाँव सूना सूना है,
संदेसे आते हैं…
कभी एक ममता की, प्यार की गंगा की,
जो चिट्ठी आती है, साथ वो लाती है,
मेरे दिन बचपन के, खेल वो आंगन के,
वो साया आंचल का, वो टीका काजल का,
वो लोरी रातों में, वो नरमी हाथों में,
वो चाहत आँखों में, वो चिंता बातों में,
बिगड़ना ऊपर से, मोहब्बत अंदर से, करे वो देवी माँ,
यही हर खत में पूछे मेरी माँ,
के घर कब आओगे, लिखो कब आओगे,
के तुम बिन आँगन सूना सूना है,
संदेसे आते हैं…
ऐ गुजरने वाली हवा बता,
मेरा इतना काम करेगी क्या,
मेरे गाँव जा, मेरे दोस्तों को सलाम दे,
मेरे गाँव में है जो वो गली,
जहाँ रहती है मेरी दिलरुबा,
उसे मेरे प्यार का जाम दे,
उसे मेरे प्यार का जाम दे
वहीँ थोड़ी दूर है घर मेरा,
मेरे घर में है मेरी बूढ़ी माँ,
मेरी माँ के पैरों को छू के तू, उसे उसके बेटे का नाम दे,
ऐ गुजरने वाली हवा ज़रा,
मेरे दोस्तों, मेरी दिलरुबा, मेरी माँ को मेरा पयाम दे,
उन्हें जा के तू ये पयाम दे
मैं वापस आऊंगा, घर अपने गाँव में,
उसी की छांव में, कि माँ के आँचल से,
गाँव की पीपल से, किसी के काजल से,
किया जो वादा था वो निभाऊंगा,
मैं एक दिन आऊंगा
5. मेरे देश की धरती – उपकार फिल्म से

मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती
मेरे देश की धरती…
बैलों के गले में जब घुंघरू जीवन का राग सुनाते हैं
ग़म कोस दूर हो जाता है खुशियों के कंवल मुस्काते हैं
सुनके रहट की आवाज़ें यूं लगे कहीं शहनाई बजे
आते ही मस्त बहारों के दुल्हन की तरह हर खेत सजे
मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती
मेरे देश की धरती…
जब चलते हैं इस धरती पे हल ममता अंगड़ाइयाँ लेती है
क्यूं ना पूजे इस माटी को जो जीवन का सुख देती है
इस धरती पे जिसने जनम लिया, उसने ही पाया प्यार तेरा
यहां अपना पराया कोई नहीं है सब पे है मां उपकार तेरा
मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती
मेरे देश की धरती…
ये बाग़ है गौतम नानक का खिलते हैं चमन के फूल यहां
गांधी, सुभाष, टैगोर, तिलक, ऐसे हैं अमन के फूल यहां
रंग हरा हरी सिंह नलवे से रंग लाल है लाल बहादुर से
रंग बना बसंती भगत सिंह रंग अमन का वीर जवाहर से
मेरे देश की धरती सोना उगले, उगले हीरे मोती
मेरे देश की धरती…


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