77वें Republic Day पर वंदे मातरम की गूंज और ‘Operation Sindoor’ को ट्रिब्यूट, जानें 2026 परेड की Theme और Chief Guest

Summary :

Republic Day Parade Tableaux Full List: गणतंत्र दिवस हर भारतीय के लिए गर्व का दिन होता है। साल 2026 में भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। इस बार का जश्न पिछले सालों से काफी अलग और खास होने वाला है। इस साल कर्तव्य पथ पर न सिर्फ भारत की सैन्य ताकत दिखेगी, बल्कि ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने का उत्सव भी मनाया जाएगा। आइए जानते हैं कि इस बार मुख्य अतिथि कौन हैं और Parade Themes, Kartavya Path Tableaux क्या है। परेड रिहर्सल की शुरुआत आपको बता दें कि, विजय चौक से शुरू होकर लाल…

Republic Day Parade Tableaux Full List: गणतंत्र दिवस हर भारतीय के लिए गर्व का दिन होता है। साल 2026 में भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाने जा रहा है। इस बार का जश्न पिछले सालों से काफी अलग और खास होने वाला है। इस साल कर्तव्य पथ पर न सिर्फ भारत की सैन्य ताकत दिखेगी, बल्कि ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने का उत्सव भी मनाया जाएगा। आइए जानते हैं कि इस बार मुख्य अतिथि कौन हैं और Parade Themes, Kartavya Path Tableaux क्या है।

परेड रिहर्सल की शुरुआत

आपको बता दें कि, विजय चौक से शुरू होकर लाल किले तक गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल सुबह 10:30 बजे आयोजित की गई है। इस रिहर्सल में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सैन्य शक्ति और विविधता को प्रदर्शित किया जाएगा।

2026 के मुख्य अतिथि कौन हैं?

Republic Day Parade Tableaux Full List
Republic Day Parade Tableaux Full List (Source: AI generated)

इस साल भारत ने कूटनीति में एक नया इतिहास रचा जाने वाला है। आपको बता दें कि गणतंत्र दिवस 2026 के लिए एक नहीं, बल्कि दो मुख्य अतिथियों को आमंत्रित किया गया है। ये दोनों यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता हैं।

  • उर्सुला वॉन डेर लेयेन (Ursula von der Leyen), जो कि यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष हैं।
  • एंटोनियो कोस्टा (António Costa), जो यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष हैं।
  • यह पहली बार है जब यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व को इस तरह संयुक्त रूप से आमंत्रित किया गया है, जो भारत और यूरोप के मजबूत होते रिश्तों को दर्शाता है।

Parade Themes: क्या है साल 2026 की थीम?

  • इस बार गणतंत्र दिवस की थीम बेहद ऐतिहासिक है। सरकार ने इस वर्ष को राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के उत्सव के रूप में मनाने का फैसला किया है।
  • पूरे कर्तव्य पथ पर आपको ‘वंदे मातरम’ की झलक दिखेगी। झांकियों से लेकर टिकट्स के डिजाइन तक, हर जगह बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित इस गीत को सम्मान दिया जाएगा।

Republic Day 2026 States List: गणतंत्र दिवस 2026 से जुड़ी बड़ी बातें

Kartavya Path tableaux
Kartavya Path tableaux (Source: AI generated)
  • परेड में 1923 की दुर्लभ पेंटिंग्स दिखाई जाएंगी जो ‘वंदे मातरम’ के छंदों पर आधारित हैं।
  • इस बार कुल 30 झांकियां कर्तव्य पथ पर निकलेंगी। इनमें 17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की और 13 मंत्रालयों की होंगी।
  • भारतीय सेना इस बार बैक्ट्रियन ऊंट (दो कूबड़ वाले ऊंट), जांस्कर पोनी (लद्दाख के घोड़े) और रैप्टर्स (शिकारी पक्षी) का प्रदर्शन करेगी।
  • इस बार दर्शकों के बैठने की जगहों के नाम ‘VVIP’ या ‘VIP’ नहीं होंगे, बल्कि भारत की नदियों (जैसे गंगा, यमुना, कावेरी) के नाम पर रखे गए हैं।
  • परेड में ‘ड्रोन शक्ति’ और आधुनिक हथियारों के साथ-साथ महिला सैनिकों की भी बड़ी भागीदारी होगी।
  • परेड के दौरान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को भी एक विशेष ट्रिब्यूट दिया जाएगा।
  • वायुसेना के राफेल, सुखोई-30 और तेजस जैसे विमान आसमान में अपनी ताकत दिखाएंगे।
  • परेड देखने के लिए लगभग 10,000 ‘विशेष अतिथियों’ को बुलाया गया है, जो सामान्य नागरिक हैं और जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा काम किया है।
  • बीटिंग रिट्रीट: 29 जनवरी को होने वाली ‘बीटिंग रिट्रीट’ सेरेमनी में भी भारतीय धुनों का बोलबाला रहेगा, जो गणतंत्र दिवस समारोह का समापन करती है।

Republic Day Parade Tableaux Full List: राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां

Republic Day 2026 states list
Republic Day 2026 states list (Source: AI generated)
  • एम/ओ पंचायती-राज स्वामित्व योजना-आत्मनिर्भर पंचायत से समृद्ध एवं आत्मनिर्भर भारत
  • छत्तीसगढ़ – स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम
  • हिमाचल प्रदेश – देव भूमि ही वीर भूमि है
  • जम्मू और कश्मीर – जम्मू और कश्मीर के हस्तशिल्प और लोक नृत्य
  • गृह मंत्रालय (एनडीएमए और एनडीआरएफ) – भुज 25 वर्ष का स्मरणोत्सव
  • केरल – वाटर मेट्रो और 100 प्रतिशत डिजिटल: आत्मनिर्भर भारत के लिए आत्मनिर्भर केरल
  • महाराष्ट्र – गणेशोत्सव: आत्मनिर्भरता का प्रतीक
  • मणिपुर – समृद्धि की ओर: खेतों से अंतर्राष्ट्रीय बाजार
  • नागालैंड – हॉर्नबिल महोत्सव – संस्कृति, पर्यटन और आत्मनिर्भरता का उत्सव
  • ओडिशा – मिट्टी से सिलिकॉन तक: परंपरा में निहित, नवाचार के साथ आगे बढ़ना
  • कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय – आत्मनिर्भरता और भविष्य के लिए भारत का मार्ग कौशल द्वारा संचालित तत्परता।
  • पुडुचेरी – पुडुचेरी की समृद्ध शिल्प, संस्कृति और ऑरोविले की परिकल्पना
  • असम – अश्रिकांडी: शिल्प गांव
  • राजस्थान – ऊंट की खाल और स्वर्ण कला
  • तमिलनाडु – समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत – इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण केंद्र
  • उत्तर प्रदेश – बुंदेलखंड की संस्कृति
  • पश्चिम बंगाल – भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में बंगाल
  • मध्य प्रदेश – ‘पुण्यश्लोक’ लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर
  • पंजाब – श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहादत दिवस
  • वायु मुख्यालय – वयोवृद्ध सैनिकों की झांकी – युद्ध के माध्यम से राष्ट्र निर्माण
  • नौसेना मुख्यालय – सागर से समृद्धि
  • सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय – भारत कथा: श्रुति, कृति, दृष्टि
  • सैन्य मामलों का विभाग – त्रि-सेवाओं की झांकी – ऑपरेशन सिंदूर, संयुक्तता के माध्यम से विजय
  • संस्कृति मंत्रालय – वंदे मातरम: राष्ट्र की आत्मा की पुकार
  • विभाग स्कूली शिक्षा और साक्षरता – राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020: भारतीय स्कूली शिक्षा को विकसित भारत की राह पर आगे बढ़ाना
  • आयुष मंत्रालय – आयुष का तंत्र, स्वास्थ्य का मंत्र
  • गुजरात – आजादी का मंत्र – वंदे मातरम
  • गृह मंत्रालय (बीपीआरडी) – जन केन्द्रित न्याय प्रणाली – तीन नए कानूनों का अधिनियमन – 2023
  • आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (सीपीडब्ल्यूडी) – वंदे मातरम के 150 साल (पुष्प झांकी)
  • विद्युत मंत्रालय – प्रकाश गंगा – आत्मनिर्भर और विकसित भारत को शक्ति प्रदान करना

Also Read: Republic Day 2026 पर इस तरह से लिखें भाषण और निबंध, जानें संविधान का इतिहास

Kajal Yadav

काजल यादव पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। वास्तु, ट्रैवल , वायरल, हेल्थ और लाइफस्टाइल के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद करती हैं। रामा विश्वविद्यालय (कानपुर) से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद दीनार टाइम्स (कानपुर) से पत्रकारिता की शुरुआत करते हुए बत्तौर 'सोशल मीडिया' संभालने से लेकर 'वॉइस ओवर' के रूप में काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। कानपुर में जन्म लेने वाली काजल की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है।