India-America ट्रेड डील की इनसाइड स्टोरी, NSA chief अजीत डोभाल का अहम रोल, सुनाई अमेरिकी विदेश मंत्री को खरी खरी

Summary :

Ajit Doval Marco Rubio Meeting : बीते साल यानी 2025 के शुरुआती सितंबर की बात है। तब तियानजिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक मीटिंग हो चुकी थी। यह मुलाकात बदलते वर्ल्ड ऑर्डर के लिए उस समय काफी अहम मानी जा रही थी। खबरों के अनुसार उस समय पीएम मोदी ने डोभाल को भारत के अमेरिका से रिश्ते सुधारने के लिए वॉशिंगटन भेजा था। मोदी-जिनपिंग और पुतिन की मुलाकात की तस्वीर वायरल होते ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप असहज हो गए थे। भारत और चीन के बीच…

Ajit Doval Marco Rubio Meeting : बीते साल यानी 2025 के शुरुआती सितंबर की बात है। तब तियानजिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक मीटिंग हो चुकी थी। यह मुलाकात बदलते वर्ल्ड ऑर्डर के लिए उस समय काफी अहम मानी जा रही थी। खबरों के अनुसार उस समय पीएम मोदी ने डोभाल को भारत के अमेरिका से रिश्ते सुधारने के लिए वॉशिंगटन भेजा था। मोदी-जिनपिंग और पुतिन की मुलाकात की तस्वीर वायरल होते ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप असहज हो गए थे। भारत और चीन के बीच बढ़ती नजदीकियां ट्रम्प को परेशान कर रही थी।

ध्यान हो कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर टैरिफ लगाने के बाद से ही भारत-अमेरिका के संबंध बेहद कड़वाहट भरे हो गए थे। मगर हाल ही में अमेरिका ने भारत पर थोपे गए 50 फीसदी टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी कर दिया। जिसका दोनों देश मिल कर उत्सव मना रहे हैं। इस कदम से दोनों देशों के संबंधों में सहजता आई है। इसके पीछे की इनसाइड स्टोरी अब पता चली है जिसकी भूमिका शुरू में बांध दी गई थी।

Ajit Doval Marco Rubio Meeting : डोभाल की मार्को रुबियो को खरी खरी

Ajit Doval Marco Rubio Meeting
Ajit Doval Marco Rubio Meeting (source : social media)

ब्लूमबर्ग की इसी इन्साइड स्टोरी को लेकर एक रिपोर्ट आई है जिस में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को खरी-खरी सुनाने की बात कही गई है। इस मुलाकात के बाद से ही दोनों देशों के बीच कड़वाहट में कमी आई और रिश्ते सहज हो पाए। और दोनों देशों के बीच जमी बर्फ पिघलने लगी।

ajit doval vs marco rubio : क्या है रिपोर्ट में

Ajit Doval Marco Rubio Meeting
Ajit Doval Marco Rubio Meeting (source : social media)

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के हवाले से TOI ने लिखा है कि एनएसए चीफ डोभाल अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के लिए संदेश लेकर गए थे। यह बात दिल्ली के उन अधिकारियों ने बताई, जो इस बैठक से परिचित हैं और जिन्होंने नाम न छापने की शर्त पर उन गोपनीय चर्चाओं पर बात की। डोभाल ने अमेरिकी विदेश मंत्री से कहा कि भारत दोनों देशों के बीच कड़वाहट को पीछे छोड़कर समझौते पर बातचीत फिर से शुरू करना चाहता है।

india-us trade deal : क्या हुई बातचीत

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया है कि डोभाल ने रुबियो से साफ कहा कि भारत ट्रंप और उनके सहयोगियों के दबाव में नहीं आएगा। भारत उनके कार्यकाल के खत्म होने तक इंतजार करेगा। भारत अतीत में भी अमेरिकी प्रशासन की दुश्मनी जैसी हरकतें झेल चुका है। हालांकि, डोभाल ने रुबियो से मुलाकात में कहा कि भारत चाहता है कि ट्रंप और उनके सहयोगी भारत की सार्वजनिक आलोचना कम करें, ताकि दोनों देशों के संबंध फिर से पटरी पर आ सकें।

ajit doval vs marco rubio : भारत टैरिफ की बात से आहत

Ajit Doval Marco Rubio Meeting
Ajit Doval Marco Rubio Meeting (source : social media)

रिपोर्ट में कहा गया है कि उस समय भारत ट्रंप के अपमानों और अगस्त में उनके द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ से आहत था। आपकों बता दें कि रूस से तेल न खरीदने के लिए अमेरिका भारत पर लगातार दबाव बना रहा था, जिसका तरीका टैरिफ के रूप में सामने आया। ट्रंप ने भारत को उच्च टैरिफ वाली डेड इकनॉमी करार दिया था। ट्रंप ने कहा था कि वह रूसी तेल खरीदकर यूक्रेन में पुतिन के युद्ध को वित्त पोषित कर रहा है।

नरम पड़े ट्रम्प के तेवर

डोभाल की मुलाकात के कुछ ही समय बाद भारत-अमेरिका में तनाव कम होने के पहले संकेत दिखाई दिए। बताया जा रहा है कि 16 सितंबर को ट्रंप ने मोदी को उनके जन्मदिन पर फोन किया और उनके शानदार काम की प्रशंसा की। यहां से बर्फ पिघलनी शुरू हुई और साल के अंत तक, दोनों नेताओं ने टैरिफ कम करने के समझौते की ओर बढ़ते हुए चार बार और फोन पर बात की। बता दें हाल में दोनों देशों के बीच ट्रेड डील हुई है जिसके तहत भारत पर अमेरिका ने टैरिफ शुल्क घटा कर 18 प्रतिशत कर दिया है, वहीं भारत के मुकाबले एशिया के अन्य देशों में यह शुल्क अधिक है।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।