Baghpat News: बागपत नगर पालिका द्वारा शहर में सड़क निर्माण के लिए लगभग 80 लाख रुपये का टेंडर जारी किया गया था। यह सड़क पक्का घाट मंदिर क्षेत्र में बनाई गई थी, लेकिन हैरानी की बात यह है कि निर्माण के केवल तीन दिन बाद ही सड़क उखड़ने लगी। कई जगह सड़क की ऊपरी सतह टूट गई है और नुकीले तार बाहर निकल आए हैं, जिससे लोगों को चोट लगने का खतरा बना हुआ है।
Baghpat News: सभासद का आरोप, बिना निरीक्षण के हुआ काम
नगर पालिका के सभासद संजय रुहेला ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी कृष्ण कुमार भड़ाना ने सड़क निर्माण के दौरान न तो कोई निरीक्षण किया और न ही गुणवत्ता की जांच कराई। आरोप है कि रात के अंधेरे में सड़क का निर्माण कराया गया, ताकि कोई देख न सके कि किस तरह का काम हो रहा है।

Baghpat News Today: घटिया सामग्री के इस्तेमाल का दावा
सभासदों का कहना है कि सड़क बनाने में बेहद खराब गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। इसी कारण सड़क इतनी जल्दी खराब हो गई। सड़क की सतह जगह-जगह से उखड़ चुकी है, जिससे आने वाले दिनों में इस मार्ग पर चलना लोगों के लिए परेशानी भरा हो सकता है। स्थानीय लोगों में भी इसको लेकर नाराजगी है।
सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल
सड़क की खराब हालत को लेकर नगर पालिका के सभासदों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि नई बनी सड़क किस तरह से टूट रही है। सभासदों ने जिलाधिकारी बागपत से इस मामले में तुरंत कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि दोषी ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाए और जिन अधिकारियों की लापरवाही सामने आए, उनके खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएं।

18 दिन में सामने आया एक और मामला
गौरतलब है कि नगर पालिका अध्यक्ष को पद से हटाए जाने के मात्र 18 दिन के भीतर ही भ्रष्टाचार से जुड़े मामले सामने आने लगे हैं। इससे पहले नगर पालिका के 12 सभासदों ने कमिश्नर को एक शिकायत पत्र सौंपकर 4.5 करोड़ रुपये के टेंडर में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। उस मामले में जांच के आदेश तो दिए गए, लेकिन अभी जांच पूरी भी नहीं हुई थी कि 80 लाख की सड़क का मामला उजागर हो गया।
एक के बाद एक खुल रहे हैं आरोप
सभासदों का आरोप है कि अधिशासी अधिकारी पर पहले भी अपने पसंदीदा ठेकेदारों को टेंडर देने के आरोप लगे हैं। अब नई सड़क का तीन दिन में टूट जाना इन आरोपों को और मजबूत करता है। सभासदों का कहना है कि यदि समय रहते जांच और कार्रवाई नहीं हुई, तो नगर पालिका में भ्रष्टाचार और बढ़ेगा।

जिम्मेदार कौन? उठ रहे सवाल
शहर में बार-बार सामने आ रहे ऐसे मामलों से लोग सवाल कर रहे हैं कि आखिर इस भ्रष्टाचार के पीछे कौन जिम्मेदार है। क्या अधिकारियों की चुप्पी इसे बढ़ावा दे रही है? जनता और जनप्रतिनिधि चाहते हैं कि उच्च अधिकारी इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करें और दोषियों को सजा मिले, ताकि भविष्य में जनता के पैसे से होने वाले काम सही तरीके से हो सकें।
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