British and French Strikes Syria: दुनिया की निगाहें जहां अमेरिका-वेनेजुएला विवाद पर अटकीं हुई हैं, वहीं दूसरी ओर मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। इसी कड़ी में नाटो के दो अहम सदस्य देश, ब्रिटेन और फ्रांस ने सीरिया में आतंकी संगठन ISIS के खिलाफ संयुक्त हवाई कार्रवाई की है। यह हमला शनिवार शाम को किया गया, जिसका मकसद आतंकियों के छिपे ठिकानों को नष्ट करना था।
British and French Strikes Syria: ISIS के ठिकानों पर संयुक्त हमला
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, ब्रिटिश और फ्रांसीसी वायु सेनाओं ने मिलकर सीरिया में एक संदिग्ध भूमिगत ठिकाने को निशाना बनाया। माना जा रहा है कि इस जगह पर ISIS हथियार और विस्फोटक जमा करके रखता था। यह ठिकाना पहले भी इस आतंकी संगठन द्वारा इस्तेमाल किया जा चुका था।
British Warplanes: पल्मायरा के पास पहाड़ों में बना था ठिकाना
ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने बताया कि रॉयल एयर फोर्स (RAF) के विमानों ने प्राचीन शहर पल्मायरा से कुछ मील उत्तर में स्थित पहाड़ी इलाके में इस ठिकाने की पहचान की। यह एक भूमिगत सुविधा थी, जिसमें सुरंगों के जरिए अंदर तक पहुंच बनाई गई थी। खुफिया जानकारी के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि यहां हथियार और विस्फोटक छिपाकर रखे गए थे।

Britain & France Joint Airstrike: टाइफून विमान और गाइडेड बमों का इस्तेमाल
इस संयुक्त सैन्य अभियान में ब्रिटेन ने अपने टाइफून FGR4 लड़ाकू विमानों को तैनात किया, जबकि फ्रांस के लड़ाकू विमान भी इस ऑपरेशन में शामिल रहे। हमले के दौरान पेववे IV नाम के सटीक निशाना लगाने वाले गाइडेड बमों का इस्तेमाल किया गया। इन बमों से भूमिगत सुविधा तक जाने वाली कई सुरंगों को निशाना बनाया गया।
शुरुआती संकेत, मिशन रहा सफल
ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने कहा कि अभी नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है, लेकिन शुरुआती जानकारी के अनुसार लक्ष्य को सफलतापूर्वक नष्ट किया गया है। इस हमले से आईएसआईएस की सैन्य क्षमताओं को बड़ा झटका लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता: ब्रिटेन
ब्रिटेन के रक्षा सचिव जॉन हीली ने इस कार्रवाई को लेकर कहा कि यह ऑपरेशन दिखाता है कि ब्रिटेन अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर मध्य पूर्व में आईएसआईएस और उसकी हिंसक सोच के दोबारा उभरने को रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने साफ किया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोगियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहना जरूरी है।

ISIS अब भी बना हुआ है खतरा
हालांकि आईएसआईएस को 2019 में सीरिया में बड़ी हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन इसके बावजूद संगठन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। सीरिया और इराक में इसके स्लीपर सेल अब भी सक्रिय हैं और समय-समय पर हमले कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों के अनुसार, इन दोनों देशों में अभी भी आईएसआईएस के करीब 5,000 से 7,000 लड़ाके सक्रिय हो सकते हैं।
अमेरिका ने भी किया था हमला
गौर करने वाली बात यह भी है कि पिछले महीने अमेरिका ने भी सीरिया में ISIS के ठिकानों पर हमले शुरू किए थे। ये हमले पल्मायरा के पास हुए एक घातक हमले के जवाब में किए गए थे, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक और एक अमेरिकी नागरिक दुभाषिया मारे गए थे। इन घटनाओं से साफ है कि सीरिया में आईएसआईएस के खिलाफ सैन्य कार्रवाई अब भी जारी है।
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