कैंसर पीड़ित व्याख्याता को कलेक्टर ने दिलाई राहत, 48 घंटे में मंजूर हुई 2 लाख की चिकित्सा प्रतिपूर्ति, लापरवाह बाबू निलंबित

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Chhattisgarh News Updates: संवेदनशील प्रशासन और त्वरित निर्णय क्षमता का उदाहरण पेश करते हुए रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कैंसर से जूझ रही एक महिला व्याख्याता को बड़ी राहत दिलाई है। आर्थिक तंगी और इलाज में आ रही परेशानियों से जूझ रही व्याख्याता की शिकायत पर कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लिया और मात्र दो दिनों के भीतर करीब 2 लाख रुपये की चिकित्सा प्रतिपूर्ति राशि स्वीकृत करवा दी। आर्थिक संकट के कारण उपचार प्रभावित बताया गया है कि महिला व्याख्याता ने हाल ही में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह से मुलाकात कर अपनी पीड़ा साझा की थी। उन्होंने बताया कि…

Chhattisgarh News Updates: संवेदनशील प्रशासन और त्वरित निर्णय क्षमता का उदाहरण पेश करते हुए रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने कैंसर से जूझ रही एक महिला व्याख्याता को बड़ी राहत दिलाई है। आर्थिक तंगी और इलाज में आ रही परेशानियों से जूझ रही व्याख्याता की शिकायत पर कलेक्टर ने तत्काल संज्ञान लिया और मात्र दो दिनों के भीतर करीब 2 लाख रुपये की चिकित्सा प्रतिपूर्ति राशि स्वीकृत करवा दी।

आर्थिक संकट के कारण उपचार प्रभावित

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बताया गया है कि महिला व्याख्याता ने हाल ही में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह से मुलाकात कर अपनी पीड़ा साझा की थी। उन्होंने बताया कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज के बीच आर्थिक संकट के कारण उपचार प्रभावित हो रहा है और चिकित्सा प्रतिपूर्ति की राशि लंबे समय से लंबित है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने इसे प्राथमिकता में लेते हुए अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

कलेक्टर के निर्देश के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने तेजी दिखाते हुए संचालनालय लोक शिक्षण को मांग पत्र भेजा, जिसके बाद केवल 48 घंटे में लगभग 2 लाख रुपये की राशि आबंटित कर दी गई। यह राशि संबंधित डीडीओ को भुगतान हेतु जारी कर दी गई है, जिससे पीड़ित व्याख्याता को शीघ्र राहत मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

लापरवाही पर कड़ा एक्शन

मामले की जांच में यह सामने आया कि व्याख्याता ने अपने विद्यालय में चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन पहले ही जमा किया था, लेकिन संबंधित सहायक ग्रेड-03 कर्मचारी (बाबू) ने आवेदन को उच्च कार्यालय में भेजा ही नहीं। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने तत्काल सख्त कदम उठाए। संबंधित बाबू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विकासखंड शिक्षा अधिकारी, धरसींवा कार्यालय में अटैच किया गया है। वहीं विद्यालय के प्राचार्य को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

मानवीय संवेदना और प्रशासनिक सख्ती का उदाहरण

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की इस त्वरित कार्रवाई को प्रशासनिक संवेदनशीलता और जवाबदेही का बेहतरीन उदाहरण माना जा रहा है। एक ओर जहां गंभीर बीमारी से जूझ रही महिला व्याख्याता को राहत मिली, वहीं दूसरी ओर लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कार्रवाई कर प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जरूरतमंदों के मामलों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 रिपोर्ट-  आनंद खरे पंजाब केसरी

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Himanshu Negi

हिमांशू नेगी को देश-विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने GGSIPU से संबद्ध LLDIMS कॉलेज से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन (BJMC) की पढ़ाई की है। इसके बाद HNBGU Central University से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MAJMC) पूरा किया और पत्रकारिता की शुरुआत की। दैनिक जागरण और IJCP Pvt Ltd. में इंटर्नशिप करने के बाद उन्होंने सुदर्शन टीवी चैनल में 9 PM शो के लिए प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।