अयोध्या राम मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास ने बुधवार को लखनऊ एसजीपीजीआई में अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से अस्वस्थ थे और एसजीपीजीआई में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुख व्यक्त किया।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा कि परम रामभक्त, श्री राम जन्मभूमि मंदिर, श्री अयोध्या धाम के मुख्य पुजारी आचार्य श्री सत्येन्द्र कुमार दास जी महाराज का निधन अत्यंत दुःखद एवं सामाजिक व आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दे तथा शोक संतप्त शिष्यों एवं अनुयायियों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
परम रामभक्त, श्री राम जन्मभूमि मंदिर, श्री अयोध्या धाम के मुख्य पुजारी आचार्य श्री सत्येन्द्र कुमार दास जी महाराज का निधन अत्यंत दुःखद एवं आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है। विनम्र श्रद्धांजलि!
प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दे…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 12, 2025
भाजपा सांसद रवि किशन ने भी एक्स पर लिखा कि श्री राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी, आचार्य सत्येंद्र दास जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक है। वे संपूर्ण जीवन श्री रामलला की सेवा, भक्ति और धर्म की रक्षा के प्रति समर्पित रहे। उनकी आध्यात्मिक साधना, धर्म पर गहरी पकड़, और सनातन संस्कृति के प्रति अटूट निष्ठा ने उन्हें न केवल अयोध्या बल्कि समस्त हिंदू समाज में एक पूजनीय संत के रूप में स्थापित किया।
उन्होंने आगे लिखा कि उनका योगदान श्री राम जन्मभूमि आंदोलन से लेकर रामलला के पुनर्स्थापन तक अविस्मरणीय रहेगा। उनकी मधुर वाणी, ज्ञान की गहराई, और भक्ति की ऊर्जा ने असंख्य श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान किया। उनकी अनुपस्थिति से अयोध्या और समस्त भक्त समुदाय में एक अपूरणीय शून्य उत्पन्न हो गया है, जिसे भर पाना असंभव है। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे पूज्य आचार्य सत्येंद्र दास जी की पुण्य आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उनके परिवार, भक्तों तथा अनुयायियों को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल प्रदान करें। उनका आशीर्वाद और शिक्षा सदैव हमें धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते रहेंगे।
बता दें कि 2 फरवरी को सत्येंद्र दास को अयोध्या के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से बेहतर इलाज के लिए उन्हें पहले ट्रामा सेंटर और फिर लखनऊ एसजीपीजीआई रेफर किया गया था।


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