China Middle East tension statement: चीन ने खाड़ी देशों पर हो रहे हमलों को गलत बताया है। कहा है कि इसकी चपेट में आम लोग और गैर-सैन्य स्थल आ रहे हैं जो ठीक नहीं है इसलिए हम इससे असहमत हैं। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही। प्रेस ब्रीफिंग में उन्होंने कहा कि नागरिकों और जरूरी इमारतों को निशाना बनाना गलत है और इससे इलाके में तनाव और बढ़ सकता है। हालांकि चीन ने अपने बयान में किसी देश का नाम नहीं लिया।
ईरान का दावा: बैंक हमले का देंगे जवाब
तेहरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले के बाद से ईरान अपने पड़ोसियों और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी एयरबेस को निशाना बना रहा है। इस हमले में कई गैर-सैन्य स्थलों पर भी ड्रोन हमले हो रहे हैं, जिनकी जद में आने से कई लोग घायल हुए हैं या उनकी जान जा रही है। इस बीच, ईरान ने कहा है कि वह देश में मौजूद अमेरिका और इजरायल से जुड़े बैंकों और आर्थिक ठिकानों पर हमला कर सकता है। उसके मुताबिक ये उसके एक बैंक पर हुए हमले का जवाब होगा।
ईरान का अगला टारगेट बैंक
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) से जुड़े खातम अल-अनबिया मुख्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि दुश्मनों के हमले के बाद अब ईरान के पास जवाब देने का पूरा अधिकार है। उनका यह बयान स्टेट मीडिया ने प्रसारित किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मौजूद अमेरिका और इजरायल से जुड़े बैंक और आर्थिक सेंटर्स ईरान के निशाने पर आ सकते हैं। आईआरजीसी ने आम लोगों को चेतावनी दी है कि बैंकों के आसपास न जाएं और उनसे कम से कम 1 किलोमीटर की दूरी बनाकर रखें।
जंग का 12वां दिन, इजरायल पर ईरान का बड़ा अटैक
अमेरिका-इजरायल और ईरान सैन्य संघर्ष के 12वें दिन ईरान ने दावा किया है कि उसने इजरायल के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा हमला शुरू कर दिया है। ईरानी मीडिया के अनुसार ईरान अमेरिकी टेक कंपनियों के दफ्तरों और डेटा सेंटर्स पर भी हमला कर सकता है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद बुधवार को एक प्रस्ताव पर वोटिंग करने वाली है। इसमें ईरान से अपील की गई है कि वो बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, यूएई और जॉर्डन पर हमले बंद करे।


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